Navratri 2023 Day 4: नवरात्रि के चौथे दिन देवी के चौथे स्वरूप मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है। देवी मां कूष्मांडा आदिशक्ति का वह स्वरूप हैं। जिनकी मंद मुस्कान से इस सृष्टि ने सांस लेना आरंभ किया है। देवी कूष्मांडा का निवास स्थान सूर्यमंडल के बीच में माना जाता है। देवी का तेज ही इस संसार को तेज बल और प्रकाश प्रदान करता है। देवी कूष्मांडा मूल प्रकृति और आदिशक्ति हैं। मां कुष्माण्डा का स्वरुप बहुत ही पावन है। मां की आठ भुजाएं हैं। इसलिए मां कूष्माण्डा अष्टभुजा के नाम से भी जानी जाती हैं। इनके आठ हाथों में कमण्डल, धनुष, बाण, कमल-पुष्प अमृतपूर्ण कलश, चक्र, गदा और माला है। मां कूष्माण्डा का वाहन सिंह है।
