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कोरोना के हाइब्रिड वेरिएंट चौथी लहर में बढ़ा सकते हैं टेंशन, WHO ने इस बड़े खतरे को लेकर जारी किया अलर्ट

WHO ने हाइब्रिड वेरिएंट को लेकर पूरी दुनिया को सतर्क करना शुरू कर दिया है। हाइब्रिड वेरिएंट में डेल्टा और ओमीक्रोन, दोनों वेरिएंट्स के लक्षण मिलते हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 27, 2022 पर 8:16 AM
कोरोना के हाइब्रिड वेरिएंट चौथी लहर में बढ़ा सकते हैं टेंशन, WHO ने इस बड़े खतरे को लेकर जारी किया अलर्ट
कोरोना के हाइब्रिड वेरिएंट का खतरा बढ़ा!

पूरी दुनिया कोरोना वायरस महामरी से करीब तीन साल से ज्यादा समय से जूझ रही है। भारत समेत कई देश कोरोना पर लगाई गई पाबंदी पर ढील दे दी है। जैसे ही लोगों ने खुलकर सांस लेना शुरू कर किया कि चौथी लहर की आशंका पैदा हो गई। कहा जा रहा है कि चौथी लहर में कोरोना वायरस का एक और वेरिएंट बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। कोरोना के डेल्टाक्रॉन वेरिएंट (Deltacron variant) का खतरा बढ़ने लगा है। कोरोना का यह नया वेरिएंट हाइब्रिड वेरिएंट (Hybrid Variant) है यानी इसमें डेल्टा (Delta) और ओमीक्रोन दोनों के लक्षण शामिल हैं।

माना जा रहा है कि कोरोना का डेल्टाक्रॉन वेरिएंट कोरोना के डेल्टा और ओमीक्रोन से भी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है। इसको लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अलर्ट जारी कर दिया है। इस तरह के नए वेरिएंट से वे लोग भी संक्रमित हो सकते हैं, जो पहले संक्रमित हो चुके हैं या जिन्हें टीका लगाया जा चुका है।

फरवरी के मध्य में डेल्टाक्रॉन की पहचान हुई थी जब पेरिस के इंस्टीट्यूट पासटियूर के वैज्ञानिकों ने इसकी खोज की थी। इसके जीन सीक्वेंस के बारे में वैज्ञानिकों ने कहा था कि इसका सीक्वेंस पहले के वेरिएंट के सीक्वेंस से एकदम अलग है। पिछले साल तक ज्यादातर वेरिएंट का जेनेटिक सीक्वेंस डेल्टा वेरिएंट जैसा ही था लेकिन डेल्टाक्रॉन के अंदरूनी संरचना में स्पाइक प्रोटीन बिल्कुल अलग था। बता दें कि कोरोना वायरस की बाहरी सतह पर ऊपर एक सेल की तरह संरचना होती है, इसे वैज्ञानिक भाषा में स्पाइक प्रोटीन कहा जाता है। इसी स्पाइक प्रोटीन के चलते किसी व्यक्ति में कोरोना महामारी की शुरुआत होती है।

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