बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं प्रारंभिक परीक्षा के बाद पटना के कुम्हरार स्थित बापू परीक्षा केंद्र पर छात्रों ने हंगामा किया। स्थिति संभालने के लिए DM चंद्रशेखर सिंह और SSP राजीव मिश्रा मौके पर पहुंचे। छात्रों को समझाने के दौरान डीएम चंद्रशेखर सिंह ने गुस्से में आकर एक छात्र को थप्पड़ मार दिया। इस घटना के बाद प्रशासन ने सफाई देते हुए कहा कि हंगामे के कारण स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी।प्रशासन ने बताया कि छात्रों ने ट्रॉली लगाकर सड़क जाम कर दी थी, जिससे अव्यवस्था फैल गई।
इसी दौरान केंद्राधीक्षक को हार्ट अटैक आया, जिन्हें डीएम ने तुरंत अस्पताल भिजवाया। प्रशासन ने हल्का बल प्रयोग कर स्थिति नियंत्रित की और कहा कि किसी छात्र को थप्पड़ मारने की मंशा नहीं थी। इस मामले पर डीएम और आयोग ने पूरी परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बताया।
पटना जिला प्रशासन की सफाई
प्रशासन ने बताया कि छात्रों के हंगामे के कारण स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। कुछ लोगों ने ट्रॉली लगाकर सड़क जाम कर दिया, जिससे अव्यवस्था फैल गई। इस दौरान केंद्राधीक्षक राम इक़बाल सिंह को हार्ट अटैक आया, जिन्हें डीएम ने तुरंत अस्पताल भिजवाया। प्रशासन ने कहा कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया, लेकिन किसी परीक्षार्थी को थप्पड़ मारने की कोई मंशा नहीं थी।
DM चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि बीपीएससी की 70वीं परीक्षा में करीब 12,000 अभ्यर्थी शामिल हुए। प्रत्येक परीक्षा हॉल में 273 छात्रों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। हालांकि, एक हॉल में प्रश्नपत्रों की संख्या अपेक्षित 288 की बजाय केवल 192 पाई गई। इस कमी को पूरा करने के लिए अन्य हॉल से अतिरिक्त प्रश्नपत्र मंगाए गए, जिससे परीक्षा में 10-15 मिनट की देरी हुई। इस देरी के चलते छात्रों के बीच भ्रम और नाराजगी फैल गई। डीएम ने स्पष्ट किया कि इस स्थिति को जल्द से जल्द संभालने का प्रयास किया गया और परीक्षा प्रक्रिया पारदर्शी रही।
इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज होने के बाद पटना DM को लेकर विवाद और बढ़ गया है। आयोग को दी गई शिकायत में अभ्यर्थी के अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। प्रशासन ने हालांकि, अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। मामले को लेकर छात्रों और प्रशासन के बीच स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।