चिता जलेगी और हवा काली हो जाएगी...महाकुंभ के बीच अघोरी बाबा कालपुरुष ने की डरावनी भविष्यवाणी

प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में 95 वर्षीय अघोरी बाबा कालपुरुष ने एक ऐसी भविष्यवाणी की है, जिसने सभी को हैरान कर दिया है। उनका भस्म से सना लाल चेहरा देखकर हर कोई हैरान रह जाता है। उनके हाथों में एक इंसानी खोपड़ी है, जिससे वह पानी पीते हैं

अपडेटेड Jan 24, 2025 पर 12:56 PM
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अघोरी बाबा कालपुरुष ने की डरावनी भविष्यवाणी

Prayagraj Mahakumbh 2025 : "चिता जलेगी और हवा काली हो जाएगी। नदी को वह सब याद है, जो मनुष्य भूल गया है। जब गंगा रोएगी, तो उसके आंसू मैदानों पर गिरेंगे और ये सब शुरु हो गया है।" - ये सारे शब्द महाकुंभ में आए एक अघोरी बाबा के हैं, जिन्होंने काफी डरावनी भविष्यवाणी की हैं। प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में 95 वर्षीय अघोरी बाबा कालपुरुष ने एक ऐसी भविष्यवाणी की है, जिसने सभी को हैरान कर दिया है। उनका भस्म से सना लाल चेहरा देखकर हर कोई हैरान रह जाता है। उनके हाथों में एक इंसानी खोपड़ी है, जिससे वह पानी पीते हैं। बताया जाता है कि हिमालय में ध्यान लगाने से उनकी आवाज ऊंची हो गई है।

बाबा कालपुरुष ने की बड़ी भविष्यवाणी

प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में बाबा कालपुरुष को देखने के लिए हर रोज सैकड़ों लोगों की भीड़ जुटती है। उनका रूप बेहद खास है, उनका चेहरा राख से सना हुआ है और उनके हाथ में हमेशा एक मानव खोपड़ी रहती है। इसी मानव खोपड़ी में वो पानी पीते हैं। कहा जाता है कि हिमालय में वर्षों तक साधना करने के कारण उनकी आवाज में गूंज और शक्ति आ गई है। वहीं बाबा कालपुरुष ने सामने संगम के मैदान की ओर इशारा करते हुए कहा, "मैं सात बार कुम्भ मेला आ चुका हूं। हर बार इस क्षेत्र में आया हूं लेकिन इस बार जो संकेत हैं, वो अलग हैं। श्मशान घाट पर कौवे एक अलग गीत गा रहे हैं। मृतक अब ज्यादा बेचैन हैं।"


पृथ्वी बदल रही है अपनी सांस

अघोरी बाबा ने कहा, "पृथ्वी अपनी सांस बदल रही है।" फिर उन्होंने राख से एक पवित्र चिह्न बनाते हुए कहा, "जब नदी अपना रुख बदलती है तो उसकी तट पर बसे शहरों को यह कड़ा अहसास होता है कि उनकी नींव उधार की जमीन पर है। अगले चार साल मानवता की स्थायिता और शाश्वतता के भ्रम को गहरे तरीके से समझने में मदद करेंगे।"

सच साबित हो चुकी हैं कई बात

बता दें कि बाबा कालपुरुष इस महाकुंभ में आने वाले सबसे उम्रदराज़ अघोरी साधु हैं। उनकी कई भविष्यवाणियां पानी से जुड़ी हुई हैं, जिनमें पानी की कमी और आपदाएं शामिल हैं और ये भविष्यवाणियां कई बार सही साबित हो चुकी हैं। बाबा कालपुरुष ने पहले कहा था, "पहाड़ अपनी बर्फ छोड़ देंगे। पहले धीरे-धीरे, फिर एक साथ। पवित्र नदियां नए रास्ते अपनाएंगी। कई मंदिर धरती में समा जाएंगे।"

संगम ढूंढेगा नया स्थान

बाबा कालपुरुष की सबसे बड़ी भविष्यवाणी महाकुंभ के बारे में है। उन्होंने कहा, "यह संगम बदलेगा। नदी बह रही है। समय के साथ, संगम नया स्थान ढूंढेगा। जहाँ आज युद्ध हो रहा है, वहां भविष्य में कुम्भ आयोजित किया जाएगा।" हालांकि बाबा कालपुरुष की भविष्यवाणियों में किसी विनाश का जिक्र नहीं है। उन्होंने भविष्यवाणी की, "आने वाला बदलाव पृथ्वी पर नहीं होगा। युवा पीढ़ी वह याद करेगी जो मध्य पीढ़ी भूल चुकी है। जो बच्चे अब जन्म ले रहे हैं, वे वही याद करेंगे जो हम भूल चुके हैं। वे हवा को समझेंगे। वे जानेंगे जब पृथ्वी घूमेंगी। युवा पीढ़ी फिर से आकाश पढ़ना सीखेंगे।"

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