Prayagraj Special Train : नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात भीड़ के कारण भगदड़ मच गई। हादसे में 18 लोगों की मौत हो गई है, हादसे की शुरुआती जांच रिपोर्ट से पता चला है कि महाकुंभ श्रद्धालुओं के लिए विशेष ट्रेन की घोषणा की गई थी। वहीं इस घटना के बाद से रेलवे प्रशासन काफी अलर्ट हो गया है और स्टेशन पर किसी भी प्रकार की कोताही की गुंजाइश नहीं छोड़ रहा है। रेलवे ने आज नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़ने वालों के लिए नए नियम लागू किए हैं। अब ट्रेन पकड़ने वाले लोगों को नए नियम का पालन करना होगा। वहीं प्रयागराज स्पेशल ट्रेन के प्लेटफॉर्म में भी बदलाव किया गया है।
स्टेशन जाने से पहले जान लें ये जानकारी
इस बारे में ज्यादा जानकारी देते हुए डीसीपी रेलवे केपीएस मल्होत्रा ने कहा, "फिलहाल प्रयागराज स्पेशल प्लेटफॉर्म नंबर 16 से चलेगी और उसके बाद वंदे भारत चलेगी। प्लेटफॉर्म 16 पर स्थिति सामान्य और नियंत्रण में है।" उन्होंने कहा कि, फिलहाल प्रयागराज स्पेशल प्लेटफॉर्म नंबर 16 से चलेगी। रेलवे को उस शो को मैनेज करने दें, हम अपना काम करेंगे। हमारे पास यहां पर्याप्त तैनाती है। बता दें कि दिल्ली से चलने वाली प्रयागराज स्पेशल ट्रेन अब नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 16 से चलेगी।
आपको बता दें कि स्टेशन पर मची भगदड़ के बाद से वहां पर, दिल्ली पुलिस, आरपीएफ और अर्द्ध सैनिक बल के जवान भारी मात्रा में तैनात किए गए हैं। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ के बाद अब रेलवे प्रशासन ने कुछ नए नियम लागू किए हैं। अब स्टेशन पर प्रवेश करने से पहले आपकी टिकट की जांच की जा रही है। इसका मतलब यह है कि अगर आप स्टेशन पर आते हैं, तो आपको प्लेटफॉर्म तक जाने के लिए अपनी टिकट दिखानी पड़ेगी। केवल जिनके पास कंफर्म टिकट है, उन्हें ही अंदर जाने की अनुमति मिल रही है और जिनके पास टिकट नहीं है, उन्हें बाहर भेज दिया जा रहा है। इसके अलावा, अगर आप अकेले ट्रेन पर चढ़ने जा रहे हैं तो आपके साथ जो भी लोग आए हैं, उन्हें स्टेशन में प्रवेश की अनुमति नहीं मिल रही है।
बता दें कि शनिवार और रविवार की छुट्टी के कारण महाकुंभ जाने के लिए हजारों श्रद्धालु स्टेशन पर पहुंच गए, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। भीड़ को संभालने के लिए पर्याप्त संख्या में रेलवे स्टाफ नहीं होने के कारण हालात बेकाबू हो गए। इससे लोग एक-दूसरे पर चढ़ने लगे और स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर हो गई और भगदड़ के इस हालात में 18 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी।