पुणे नगर निगम (PMC) के हड़पसर क्षेत्रीय कार्यालय में एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक व्यक्ति की मृत्यु का प्रमाण पत्र (डेथ सर्टिफिकेट) उसकी असली मौत से 10 दिन पहले ही जारी कर दिया गया। यह गलती सामने आने के बाद नगर निगम प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं और पूरे मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। शिकायत के अनुसार, व्यक्ति की मौत 23 दिसंबर 2024 को हुई, लेकिन उसका डेथ सर्टिफिकेट 13 दिसंबर को ही बना दिया गया। नगर निगम के अधिकारी इसे मानवीय भूल बता रहे हैं, लेकिन इतनी बड़ी गलती से नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
PMC ने जांच का आश्वासन दिया है और कहा है कि अगर किसी की लापरवाही साबित होती है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अब इस गलती के पीछे की सच्चाई क्या है, ये जांच के बाद ही सामने आएगा।
कब हुई मौत, कब जारी हुआ सर्टिफिकेट?
शिकायत के अनुसार, संबंधित व्यक्ति की मृत्यु 23 दिसंबर 2024 को हुई, लेकिन उसका डेथ सर्टिफिकेट 13 दिसंबर को ही बना दिया गया था। इस गलती ने न केवल नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि इसमें लापरवाही की संभावना को भी मजबूत कर दिया है।
PMC के जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र विभाग के अधिकारी का कहना है कि ये एक इंसानी भूल हो सकती है। फॉर्म भरते समय या रिकॉर्ड में एंट्री करते समय गलत तारीख दर्ज हो सकती है। हालांकि, जांच पूरी होने के बाद ही असली कारण सामने आएगा।
नगर निगम ने इस गंभीर गलती को लेकर तुरंत जांच शुरू कर दी है। यदि किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। अधिकारी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सुनिश्चित कर रहे हैं कि भविष्य में ऐसी गलतियां न हों।
PMC की टीम इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद ये साफ होगा कि यह गलती मानवीय भूल थी या किसी और कारण से ऐसा हुआ। प्रशासन ने यह भी कहा है कि प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को और अधिक सटीक और पारदर्शी बनाया जाएगा ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।
ये घटना पुणे नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अब देखना होगा कि जांच में क्या सामने आता है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।