Ram Navami: अयोध्या में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद पहली बार मनाई जा रही रामनवमी, जानिए सूर्य तिलक सहित क्या-क्या तैयारियां हैं

अयोध्या के राम मंदिर में पहली बार राम नवमी मनाई जा रही है। इसके लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। लेकिन, सबसे ज्यादा चर्चा सूर्य तिलक की है। इस अदभुत कार्यक्रम को वैज्ञानिकों की मदद से पूरा किया जा रहा है। इसमें सूर्य की किरणों राम लला के मस्तक को स्पर्श करेंगी

अपडेटेड Apr 17, 2024 पर 10:34 AM
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रामनवमी के मौके पर करीब 25 लाख श्रद्धालुओं के राम लला के दर्शन के लिए अयोध्या पहुंचने की उम्मीद है।

यह रामनवमी (Ram Navami) अयोध्या के लिए खास है। 22 जनवरी को राम मंदिर में राम लला के प्राण प्रतिष्ठा के बाद यह पहली रामनवमी है। 500 सालों के बाद इस साल जनवरी में राम लला की अपनी जन्मभूमि में वापसी हुई थी। 17 अप्रैल को रामनवमी के दिन अयोध्या के राम मंदिर में सबसे ज्यादा चर्चा सूर्य तिलक की है। दिन में ठीक 12:16 मिनट पर सूर्य की किरणें राम लला के मस्तक पर पड़ेंगी। इस मौके के लिए खास तैयारियां की गई हैं। राम लला के लिए छप्पन भोग तैयार किए गए हैं। राम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने इस बारे में विस्तार से बताया। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण होगा।

सूर्य तिलक समारोह 5 मिनट चलेगा

राम लला का सूर्य तिलक समारोह 5 मिनट तक चलेगा, जिसकी शुरुआत 12.16 मिनट पर होगी। राम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा ने कहा, "रामनवमी के दिन सूर्य की किरणें राम लला के माथे पर पड़ेंगी। करीब पांच मिनट का यह समारोह 12:16 बजे शुरू हो जाएगा। इसके लिए तकनीक के लिहाज से व्यापक तैयारी की गई है। वैज्ञानिकों ने इस कार्यक्रम को अविस्मरणीय बनाने के लिए कड़ी मेहनत की हैं।"


वैज्ञानिकों  ने की है व्यापक तैयारी

मिश्रा ने बताया कि सूर्य की किरणें पहले मंदिर की तीसरी मंजिल पर लगे दर्पण पर पड़ेंगी। यहां से परावर्तित होकर वे पाइप में प्रवेश करेंगी। फिर पीतल के पाइप में किरणें दूसरे दर्पण से टकराने के बात 90 डिग्री पर फिर से परावर्तित हो जाएंगी। फिर पीतल की पाइप में किरणें अलग-अलग लेंस से होकर गुजरेंगी। उसके बाद गर्भ गृह के ऊपर लगे लंबी पाइप से गुजर कर वे सीधे राम लला के मस्तक पर पड़ेंगी।

भक्त रात 11 बजे तक दर्शन कर सकेंगे

रामनवमी के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए राममंदिर आने के अनुमान के मद्देनजर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने व्यापक इंतजाम किया है। राम लला के दर्शन के समय को बढ़ाया गया है। महासचिव चंपत राम ने कहा कि भक्त रात 11 बजे तक राम लला के दर्शन कर सकेंगे। यह जानना जरूरी है कि राम नवमी पर समारोह की शुरुआत 13 अप्रैल को सुबह 3.30 बजे हो चुकी है। ब्रह्म मुहूर्त में शुरू इस कार्यक्रम में राम लला का अभिषेक, श्रृंगार और दर्शन शामिल हैं।

प्रसाद वितरण के लिए खास इंतजाम

रामनवमी के मौके पर श्रद्धालुओं की ज्यादा संख्या को देखते हुए प्रसाद वितरण के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। प्रसाद वितरण शायन आरती के बाद होगा। मंदिर प्रशासन ने भक्तों को नियमों का पालन करने को कहा है। उन्हें अपने मोबाइल फोन, जूते-चप्पल और दूसरी चीजे मंदिर परिसर में बने कार्यालय में जमा कराने को कहा गया है। चंपत राय ने बताया कि बहुत बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के राम मंदिर आने के अनुमान को देखते हुए 19 अप्रैल तक कई सेवाएं बंद कर दी गई हैं। इनमें सुगम दर्शन, वीआईपी दर्शन, मंगला आरती, श्रृंगार आरती और शायन आरती शामिल हैं।

करीब 25 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद

रामनवमी के मौके पर अगले तीन दिनों में करीब 25 लाख श्रद्धालुओं के राम लला के दर्शन के लिए अयोध्या पहुंचने की उम्मीद है। इस दौरान अयोध्या के महर्षि वाल्मीक इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 90 फ्लाइट्स के आने का शिड्यूल है। दिल्ली सहित 14 शहरों से सीधी उड़ानें अयोध्या पहुंचने वाली हैं। यह रोजाना की 10-12 फ्लाइट्स के मुकाबले कई गुना है। कुछ चार्टर्ड प्लेन से भी भक्तों के इस मौके पर अयोध्या पहुंचने की उम्मीद है।

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