रूपर्ट मर्डोक के फैमिली बिजनेस को लेकर चल रही है कानूनी जंग, अपनी ही वसीयत को बदलने में लगाया एड़ी-चोटी का जोर

रूपर्ट मर्डोक ने पहले मर्डोक फैमिली ट्रस्ट बनाते हुए ये शर्त रखी कि उनके चारों बेटों लचलन, जेम्स, एलिजाबेथ और प्रूडेंस का ट्रस्ट पर बराबर का अधिकार रहेगा और सबके पास एक-एक वोटिंग राइट होगा। इसका मतलब ये है कि बिना एक दूसरे का साथ लिए कोई भी कंपनी पर अधिकार नहीं कर सकता था। लेकिन रूपर्ट मर्डोक अपनी ये वसीयत बदलना चाहते हैं जानिए क्यों!

अपडेटेड Aug 15, 2024 पर 2:54 PM
रूपर्ट मर्डोक अपने चारों बेटों लचलन, जेम्स, एलिजाबेथ और प्रूडेंस और उनकी पत्नियों और पोती के साथ

रूपर्ट मर्डोक की फैमिली एक कानूनी जंजाल में फंसी हुई है। और यह केस नेवाडा के एक अदालत में गुपचुप तरीके से चल रहा है। मर्डोक मामले में फैमिली ट्रस्ट का नाम मर्डोक फैमिली ट्रस्ट है। न्यूज कॉर्प और फॉक्स कॉर्प में मर्डोक फैमिली ट्रस्ट के पास भारी वोटिंग राइट्स है। इसके मायने हैं कि इन दोनों कंपनियों पर रूपर्ट फैमिली ट्रस्ट का मालिकाना हक है। इस ट्रस्ट में ऑस्ट्रेलिया का फैमिली फार्म, मर्डोक आर्ट कलेक्शन और डिज्नी के शेयर भी शामिल हैं।

मौजूदा सेटलमेंट के मुताबिक जब रूपर्ट मर्डोक का निधन होगा तब ट्रस्ट का कंट्रोल उनके चार बच्चों को मिल जाएगा। इनमें लचलन, जेम्स, एलिजाबेथ और प्रूडेंस को सौंपा जाएगा। इन चारों को एक-एक वोट का अधिकार मिलेगा। इसके मायने हैं कि कोई भी भाई बहन बिना एक दूसरे का साथ लिए ट्रस्ट पर नियंत्रण नहीं कर सकते हैं। ट्रस्ट को इस तरह बनाया गया है ताकि इसमें कभी कोई बदलाव ना हो सके। इसका साफ मतलब ये है कि रूपर्ट मर्डोक के जाने के बाद भी इस फैमिली ट्रस्ट में कोई बदलाव नहीं किया जा सकता है।

The New York Times और The Wall Street Journal के मुताबिक अब खबर है कि रूपर्ट मर्डोक अपने इस ट्रस्ट को बदलवाना चाहते हैं कि ताकि उनकी मौत के बाद लचलन को कंपनी का कंट्रोल मिल सके। इस पर रूपर्ट मर्डोक की दलील है कि लचलन को कंपनी का कंट्रोल देना ही बाकी बच्चों के हित में है।


वैसे तो किसी राज्य में किसी ऐस ट्रस्ट में बदलाव करना मुमकिन नहीं है लेकिन नेवाडा एक ऐसा रज्या है जहां यह बदलाव भी मुमकिन है। और यही वजह है कि नेवाडा ज्यादातर फैमिली ट्रस्ट का केंद्र है।

जहां तक मर्डोक फैमिली ट्रस्ट की बात है तो रूपर्ट मर्डोक को ये साबित करना है कि फैमिली ट्रस्ट की शर्तों में बदलाव करना ही सभी बच्चों के हक में सही है। नेवाडा में उन सभी चीजों को फिक्स करना आसान है जो बाकी राज्यों में नामुमकिन है।

नेवाडा में चल रहा ये केस फिर इस बात का सबूत है कि किस तरह दुनिया भर के बड़े कारोबारी परिवारों और ट्रस्ट के लिए इस राज्य की अहमियत बढ़ती जा रही है। लीगल इंडस्ट्री की रैंकिंग को देखें तो, बात जब संपत्ति विवाद जैसे एसेट प्रोटेक्शन ट्रस्ट की हो तो सबसे ज्यादा भरोसा नेवाडा पर ही है। अरबपति रईसों को नेवाडा पर इसलिए भरोसा है क्योंकि यहां इनकम टैक्स नहीं चुकाना पड़ता।

जबरदस्त गोपनीयता के साथ कर्ज देने वालों के अधिकार की सुरक्षा के नियम काफी पुख्ता हैं और यही वजह कि फैमिली ट्रस्ट के लिए ये सबसे अहम जगह हैं।

आखिरी क्यों इतना खास है नेवाडा?

नेवाडा बहुत खास है क्योंकि यह अपने ट्रस्ट की टोटल संपत्ति का कभी खुलासा नहीं करती। लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि सैकड़ों डॉलर की ट्रस्ट गुमनाम ऑफिस बिल्डिंग्स या ट्रस्ट की कंपनियों में बंद है। और बाहर की दुनिया को इस बारे में बहुत कम लोग जानते हैं।

रईसों और फैमिली ट्रस्ट के लिए नेवाडा पिछले चार साल से नंबर 1 बना हुआ है। CNBC की रिपोर्ट के मुताबिक, लीगल इंडस्ट्री की रैंकिंग में इस राज्य की लोकप्रियता बनी हुई है। इसके बाद दक्षिण डकोटा दूसरे नंबर पर है।

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