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Static Current: ठंड में कभी-कभी किसी चीज को छूने में लगता है करंट, जानें आखिर क्या है यह बला

Static Current in Body: सर्दियों में इंसान को छूने से झटका महसूस होना स्थैतिक चार्ज के कारण होता है, न कि किसी जादू से। जब शरीर में नेगेटिव इलेक्ट्रॉन्स बढ़ते हैं, तो वे पॉजिटिव चार्ज को आकर्षित करते हैं, जिससे ऊर्जा का आदान-प्रदान होता है। ऊनी कपड़े, मेटल और हवा स्थैतिक चार्ज को बढ़ावा देते हैं, जिससे यह झटका अधिक महसूस होता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 14, 2024 पर 1:59 PM
Static Current: ठंड में कभी-कभी किसी चीज को छूने में लगता है करंट, जानें आखिर क्या है यह बला
क्यों लगता है इंसान को छूने से करंट

बिजली से करंट लगना आम है, लेकिन कभी-कभी इंसान को छूने से झटका महसूस होना एक दिलचस्प अनुभव है। खासतौर पर सर्दियों में यह अधिक होता है। इसके पीछे वैज्ञानिक कारण है, जादू नहीं। जब शरीर में इलेक्ट्रॉन्स की संख्या बढ़ती है, तो वह नेगेटिव चार्ज से भर जाता है। यह नेगेटिव चार्ज, किसी अन्य वस्तु या व्यक्ति के पॉजिटिव चार्ज को आकर्षित करता है। इस प्रक्रिया के दौरान ऊर्जा का आदान-प्रदान होता है, जिसे करंट के रूप में महसूस किया जाता है।सर्दियों में यह झटका अधिक इसलिए लगता है क्योंकि ठंडी और शुष्क हवा स्थैतिक चार्ज बनने की प्रक्रिया को बढ़ावा देती है।

ऊनी कपड़ों, नायलॉन या मेटल की चीजों को छूने पर करंट महसूस होने की संभावना बढ़ जाती है। यह घटना पूरी तरह से स्थैतिक चार्ज का नतीजा है और किसी भी मौसम में हो सकती है।

क्यों लगता है इंसान को छूने से करंट?

इंसान को छूने से करंट लगने का कारण जादू नहीं, बल्कि विज्ञान है। दरअसल, जब किसी व्यक्ति के शरीर में इलेक्ट्रॉन्स की संख्या बढ़ जाती है, तो उसका शरीर नेगेटिव चार्ज से भर जाता है। नेगेटिव इलेक्ट्रॉन्स अन्य चीजों या व्यक्तियों में मौजूद पॉजिटिव इलेक्ट्रॉन्स को आकर्षित करते हैं। इस प्रक्रिया के दौरान जब दोनों चार्ज एक-दूसरे से संपर्क में आते हैं, तो ऊर्जा का आदान-प्रदान होता है, जिसे करंट के रूप में महसूस किया जाता है।

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