Twin Tower Demolition: दिल्ली से सटे नोएडा में सुपरटेक ट्विन टावर (Supertech Twin Towers) को गिराए जाने की पूरी तैयारी कर ली गई हैं। कुछ ही घंटे में यह इमारत जमीन में मिल जाएगी। ट्विन टावर के गिराए जाने को लेकर उसके आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक मैनेजमेंट आदि बातों और व्यवस्थाओं का जायजा भी पुलिस और प्रशासन की ओर से लिया गया है। ऐसे में लोगों के स्वास्थ्य पर इसका क्या असर पड़ेगा? इस पर भी बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। इसको लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ अपनी राय और सुझाव दे रहे हैं।
ब्लास्ट के बाद की धूल बढ़ाएगी परेशानी
हेल्थ एक्पर्ट्स का मानना है कि इमारत को ध्वस्त करने के बाद भारी मात्रा में जो धूल निकलती है। वो लोगों की सेहत पर बहुत बुरा असर डालती है। ऐसे में लोगों को सांस से जुड़े रोग होने का खतरा बढ़ जाता है। वहीं जो लोग पहले से अस्थमा या सांस की किसी अन्य बीमारी से पीड़ित हैं। उनके लिए स्थिति गंभीर भी हो सकती है। इसके अलावा छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और हार्ट के रोगियों के लिए भी समस्या काफी बढ़ सकती है। ये धूल एलर्जी की समस्या, स्किन से जुड़ी दिक्कत, आंखों में जलन, लालिमा जैसी परेशानियों की वजह बन सकती है। इससे शॉर्ट टर्म के साथ-साथ लॉन्ग टर्म बीमारियों से पीड़ित लोगों में लंग कैंसर तक होने की आशंका जताई गई है।
आसपास के लोगों को सलाह है कि वो उस दिन से लेकर अगले कुछ दिनों तक दरवाजे और अपनी सभी खिड़की बंद रखें। स्थानीय या आसपास के लोग खुले में व्यायाम, योग आदि करने से बचें। अगर जरूरत पड़ने पर घर से निकलना हो तो मास्क पहनकर ही निकलें। सबसे बेहतर है कि ट्विन टावर के आसपास रहने वाले लोगों को कुछ समय के लिए उस स्थान को छोड़ देना चाहिए, ताकि वायु प्रदूषण के दुष्प्रभाव से बच सकें। हालात सामान्य होने के बाद वे फिर से वापस आ जाएं।