अखिल भारतीय शतरंज महासंघ (AICF) ने शनिवार को कहा कि वह इस साल के अंत में होने वाले शतरंज ओलंपियाड (44th Chess Olympiad) के 44वें चरण की मेजबानी के लिए बोली लगाएगा, क्योंकि यूक्रेन पर हमले के बाद इसे रूस से हटा दिया गया था। AICF सचिव भरत सिंह चौहान ने पीटीआई से कहा कि हां, हम इस साल शतरंज ओलंपियाड के लिए बोली लगा रहे हैं। टूर्नामेंट का बजट एक करोड़ डॉलर (करीब 75 करोड़ रूपये) होगा।
शतरंज ओलंपियाड द्विवार्षिक टूर्नामेंट है जिसमें करीब 190 देशों की टीमें दो हफ्तों तक एक दूसरे के आमने सामने होती हैं। 2022 चरण का आयोजन 26 जुलाई से 8 अगस्त तक मॉस्को में होना था। लेकिन शुक्रवार को फिडे (अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ) ने रूस से शतरंज ओलंपियाड और सभी अन्य आधिकारिक प्रतियोगितायें हटाने का फैसला किया क्योंकि उसने यूक्रेन पर हमला कर दिया है।
रूस से असक्षम लोगों के लिए पहले शतरंज ओलंपियाड और 93वीं फिडे कांग्रेस को भी हटा दिया गया। फिडे ने कहा कि वह इन टूर्नामेंट के लिये वैकल्पिक तारीख और स्थल ढूंढने पर काम कर रहा है।
अगर भारत को ओलंपियाड की मेजबानी के लिए हरी झंडी मिल जाती है तो 2013 में विश्वनाथन आंनद और मैग्नस कार्लसन के बीच विश्व चैम्पियनशिप मैच के बाद देश का यह दूसरा बड़ा वैश्विक टूर्नामेंट होगा।
रूस द्वारा गुरुवार को यूक्रेन पर हमले किए जाने के बाद जारी युद्ध का असर अब खेलों पर दिखना शुरू हो गया है। इसी कड़ी में रूसी ग्रां प्री 2022 (Russian Grand Prix) प्रतियोगिता को रद्द कर दिया गया है।
इससे पहले यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद UEFA द्वारा चैंपियंस लीग के फाइनल की मेजबानी भी सेंट पीटर्सबर्ग से छिन लिया गया है। अब यह फ्रांस की राजधानी पेरिस में होगा। UEFA (यूरोपीय फुटबॉल संघों का संघ) ने रूस के सेंट पीटर्सबर्ग से चैंपियंस लीग फाइनल की मेजबानी शुक्रवार को वापस ले ली।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) की घोषणा के बाद रूसी सेना ने गुरुवार को यूक्रेन के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया था, जो शनिवार को भी जारी है। रूस और यूक्रेन के बीच शुरू हुए संघर्ष ने पूरी दुनिया में खलबली मचा दी है। युद्ध के तीसरे दिन यूक्रेन में जबरदस्त तबाही देखने को मिली है।