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Chess Olympiad: मॉस्को से हटाए गए शतरंज ओलंपियाड की मेजबानी के लिए बोली लगाएगा भारत

अगर भारत को ओलंपियाड की मेजबानी के लिए हरी झंडी मिल जाती है तो 2013 में विश्वनाथन आंनद और मैग्नस कार्लसन के बीच विश्व चैम्पियनशिप मैच के बाद देश का यह दूसरा बड़ा वैश्विक टूर्नामेंट होगा

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 26, 2022 पर 9:38 PM
Chess Olympiad: मॉस्को से हटाए गए शतरंज ओलंपियाड की मेजबानी के लिए बोली लगाएगा भारत
शतरंज ओलंपियाड द्विवार्षिक टूर्नामेंट है जिसमें करीब 190 देशों की टीमें दो हफ्तों तक एक दूसरे के आमने सामने होती हैं

अखिल भारतीय शतरंज महासंघ (AICF) ने शनिवार को कहा कि वह इस साल के अंत में होने वाले शतरंज ओलंपियाड (44th Chess Olympiad) के 44वें चरण की मेजबानी के लिए बोली लगाएगा, क्योंकि यूक्रेन पर हमले के बाद इसे रूस से हटा दिया गया था। AICF सचिव भरत सिंह चौहान ने पीटीआई से कहा कि हां, हम इस साल शतरंज ओलंपियाड के लिए बोली लगा रहे हैं। टूर्नामेंट का बजट एक करोड़ डॉलर (करीब 75 करोड़ रूपये) होगा।

शतरंज ओलंपियाड द्विवार्षिक टूर्नामेंट है जिसमें करीब 190 देशों की टीमें दो हफ्तों तक एक दूसरे के आमने सामने होती हैं। 2022 चरण का आयोजन 26 जुलाई से 8 अगस्त तक मॉस्को में होना था। लेकिन शुक्रवार को फिडे (अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ) ने रूस से शतरंज ओलंपियाड और सभी अन्य आधिकारिक प्रतियोगितायें हटाने का फैसला किया क्योंकि उसने यूक्रेन पर हमला कर दिया है।

रूस से असक्षम लोगों के लिए पहले शतरंज ओलंपियाड और 93वीं फिडे कांग्रेस को भी हटा दिया गया। फिडे ने कहा कि वह इन टूर्नामेंट के लिये वैकल्पिक तारीख और स्थल ढूंढने पर काम कर रहा है।

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