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Vaping Side Effects: नहाते समय, खाते समय... हमेशा महिला करती थी वेपिंग, फेफड़ों से निकला 2 लीटर काला और खूनी तरल पदार्थ

E-Cigarettes Side Effects: पूरी दुनिया में इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट पीने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। कई स्टडी में कहा गया है कि यह फेफड़ों को बुरी तरह से नकुसान पहुंचा रही है। अमेरिका में भी एक 32 साल की महिला वेपिंग की इतनी ज्यादा आदी हो गई कि उसकी जान जाते-जाते बची। डॉक्टरों ने महिला के फेफड़े से 2 लीटर काला और खूनी तरल पदार्थ निकाला

Jitendra Singhअपडेटेड Sep 25, 2024 पर 12:22 PM
Vaping Side Effects: नहाते समय, खाते समय... हमेशा महिला करती थी वेपिंग, फेफड़ों से निकला 2 लीटर काला और खूनी तरल पदार्थ
E-Cigarettes Side Effects: वेपिंग करना सेहत के लिए नुकसानदायक माना गया है। इससे कैंसर का भी खतरा बढ़ सकता है।

इन दिनों स्मोकिंग करने वाले ज्यादातर लोग वेपिंग की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं। वेपिंग सेहत के लिए स्मोकिंग से भी ज्यादा खतरनाक माना गया है। लेकिन फिर भी युवाओं के बीच इसका क्रेज फल-फूल रहा है। वेपिंग एक इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट (ई-सिगरेट) है, जो स्मोकिंग नहीं करने वालों के लिए भी लत बनता जा रहा है। इस बीच अमेरिका से हैरान करने वाली खबर सामने आई है। 32 साल की एक महिला को वेपिंग की इतनी ज्यादा लत लग गई कि उसकी जान जाते-जाते बची। डॉक्टरों ने महिला के फेफड़ों से 2 लीटर काला और खूनी तरल पदार्थ ( Black and Bloody Liquid) निकाला।

हाल ही में अमेरिका महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 32 साल की जॉर्डन ब्रिएल (Jordan Brielle) को वेपिंग की लत लग गई। महिला वेपिंग के लिए हर हफ्ते 500 डॉलर (करीब 4200 रुपये) खर्च करती थी। इससे आप कयास लगा सकते हैं कि महिला वेपिंग की कितना ज्यादा आदी हो गई थी।

E- Cigarette: 2 साल से पड़ी वेपिंग की लत

डेली मेल में छपी खबर के मुताबिक, ब्रिएल ने बताया कि वो साल 2021 से वेपिंग या ई-सिगरेट का इस्तेमाल कर रही है। उसने खुद स्वीकार किया है कि वो बहुत बुरी तरीके से वेपिंग की लत का शिकार हो गई है। ब्रिएल ने बताया कि मैं इतना ज्यादा वेपिंग करती थी कि सोने से पहले, नहाते समय, खाते समय भी वेपिंग करती थी। इसके बाद साल 2023 में ब्रिएल के सीने में भारीपन महसूस होने लगा। उसे भयानक तरीके से खांसी होने लगी। पहले तो ब्रिएल ने इसे सिर्फ सांस की एक समस्या समझा। लिहाजा सांस की बीमारी के इलाज के लिए अस्पताल के चक्कर काटती रही। इसके बाद बहुत बुरी तरह से खांसी आने लगी। जिससे हफ्ते में 2-3 बार अस्पताल जाना पड़ता था। आवाज भी बिल्कुल कम होती जा रही थी।

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