आज के समय में किसी भी शहर में घूमने या किसी काम से जाने पर होटल में रुकने पर भारी भरकम किराया चुकाना पड़ता है। कई जगहों पर लोगों को मजबूरी में हजारों रुपये खर्च करने पड़ते हैं लेकिन आज हम आपको एक ऐसी जगह के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां महज एक रुपये में VIP जगह में रुकने की व्यवस्था मिल सकती है। जी हां राजस्थान के नागौर में आपको सिर्फ 1 रुपये में वीआईपी रूम मिल जाएगा। इस होटल में ठहरने वाले मेहमानों को शानदार सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैं। यह सुविधाएं किसी फाइव-स्टार होटल से कम नहीं हैं।
इस होटल की खासियत यह है कि यहां पर ठहरने वाले मेहमानों को 5 रुपये में ब्रेकफास्ट, 25 रुपये में लंच और चाय-छाछ फ्री में मिलेंगे। इसका एक वीडियो इंस्टाग्राम पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस होटल में रुकने के लिए पहले से बुकिंग करानी पड़ती है। फिजकली जाकर भी गोस्ट हाउस में रूम बुक कर सकते हैं।
तीन लोग एक रुपये में रुक सकते हैं
बता दें कि नागौर के जोधपुर रोड पर स्थित विश्व स्तरीय गौ चिकित्सालय में बने स्टे रूम बने हुए हैं। इस गेस्ट हाउस में आपको बेहतरीन सुविधाएं मिलेंगी। लेकिन सबसे हैरान करने वाली बात यहां रुकने की कीमत है। एक रात के लिए आपको सिर्फ एक रुपये देना होगा। कमरे में आपको किंग साइज बेड के साथ एक एक्स्ट्रा बेड भी मिलेगा। यानी तीन लोग यहां एक रुपये में रुक सकते हैं। इसके अलावा कमरे में एसी से लेकर बाथरूम में गीजर तक की सुविधा मिलती हैं। इसमें एक डबल बेड और एक सिंगल बेड होता है। कमरे की सफाई भी बहुत अच्छी होती है। इसमें एक साफ बाथरूम भी मौजूद है। जिसमें गीजर की सुविधा है। जिससे गर्म पानी मिलता है। इसके अलावा, तौलिया और साबुन भी मुहैया कराया जाता है।
कैसे मिल रहा है सिर्फ 1 रुपये में होटल का कमरा?
इंस्टाग्राम पर वायरल वीडियो के मुताबिक, नागौर के इस होटल में इतनी कम कीमत में कमरे देने की वजह बेहद खास है। यह होटल धार्मिक और सामाजिक सेवा के मकसद से खोला गया है। इस पहल के पीछे मकसद यह है कि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु, यात्री और जरूरतमंद लोगों ठहरने की सुविधा मुहैया कराई जाती है। ताकि उन्हें ज्यादा पैसे नहीं खर्च करना पड़े।
किसे मिलेगा होटल में रुकने का फायदा?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह सुविधा श्रद्धालुओं, यात्रियों और ज़रूरतमंदों के लिए मुहैया कराई जाती हैं। खासकर बुजुर्ग और दिव्यांगों को सबसे पहले प्राथमिकता दी जाती है। होटल प्रशासन जरूरत के आधार पर लोगों को यह सुविधा मुहैया कराता है।