पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर इस बात को लेकर चर्चा हो रही है कि बेंगलुरु में कंजेशन टैक्स लगाया जा सकता है। इसके तहत पीक आवर्स में किसी खास शहरी इलाके में प्रवेश करने पर गाड़ियों पर चार्ज लगाया जा सकता है। कर्नाटक में पहले से ही रोड टैक्स काफी ज्यादा है। इस राज्य में रोड टैक्स 13-20 पर्सेंट है। हम आपको इससे जुड़े सवालों के जवाब पेश कर रहे हैं।
मार्च 2023 में कर्नाटक सरकार ने एक रोडमैप पेश किया था, जिसके तहत इस राज्य को 2032 तक 1 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था बनाने का प्रस्ताव है। कर्नाटक प्लानिंग कमीशन द्वारा बनाई गई कमेटी, फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स ने राज्य के जीडीपी को बढ़ाकर 1 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंचाने के लिए कई तरह की सिफारिशें की थीं। इसका मसौदा मार्च 2023 में जारी किया गया था और अंतिम रिपोर्ट सितंबर 2023 में पेश की गई।
374 पन्नों की इस रिपोर्ट में बेंगलुरु में कंजेशन चार्ज लागू करने का भी प्रस्ताव है। प्रस्ताव के मुताबिक, यह टैक्स पीक आवर्स में शहर में घुसने वाली तमाम गाड़ियों पर लागू होगा।
यह बेंगलुरु के किस हिस्से को टारगेट करेगा?
इस टैक्स का प्रस्ताव शहर के सभी प्रमुख मार्गों के लिए किया गया है। फिलहाल, शहर के 9 एंट्री प्वाइंट्स पर कंजेशन चार्ज लगाया जा सकता है: बेल्लारी रोड, तुमकुर रोड, मगदी रोड, मैसूर रोड, कनकपुरा रोड, बैनरघट्टा रोड, होसूर रोड, ओल्ड मद्रास रोड और ओल्ड एयरपोर्ट रोड।
कंजेशन चार्ज को किस तरह लागू किया जाएगा?
एक रिपोर्ट के मुताबिक, बेंगलुरु में हर रोज 1.2 करोड़ गाड़ियां ट्रैवल करती हैं। कंजेशन चार्ज लागू करने का मतलब शहर के लिए बड़े पैमाने पर रेवेन्यू हासिल करना हो सकता है। साल 2021 से शहर में फास्टैग को सफलतापूर्वक लागू किया गया है और कंजेशन टैक्स इकट्ठा करने के लिए इसी का इस्तेमाल किया जाएगा। लंदन में कंजेशन चार्ज लगाए जाने के तीन साल के अंदर संबंधित इलाके में ट्रैफिक 30 पर्सेंट तक घट गया।
कर्नाटक सरकार के अधिकारियों ने बताया कि निकट भविष्य में इसके लागू होने की संभावना नहीं है। एक सीनियर सरकारी अधिकारी ने बताया, ' कंजेशन चार्ज को लागू करने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। खास तौर पर जब सभी टेक कॉरीडोर्स और अन्य हिस्से तक मेट्रो सर्विस नहीं शुरू हो जाती। मेट्रो सर्विस से जुड़ा प्रोजेक्ट 2031 तक पूरा हो जाने की उम्मीद है।'
क्या अन्य शहरों ने कंजेशन चार्ज लागू किया है?
सिंगापुर, लंदन और स्टॉकहोम जैसे शहर कंजेशन प्राइसिंग लागू कर चुके हैं। मुंबई और दिल्ली ने पहले इसी तरह के टैक्स का प्रस्ताव किया था, लेकिन प्राइवेट गाड़ियों के मालिकों के विरोध की वजह से इन शहरों में यह प्रस्ताव लागू नहीं हो सका।
कंजेशन चार्ज का विरोध क्यों?
कंजेशन का विरोध करने वालों की दलील है कि कर्नाटक में पहले ही रोड टैक्स काफी ज्यादा है। उनका कहना है कि मेट्रो और सबअर्बन रेल प्रोजेक्ट्स को पूरा करने में सरकार पहले ही देरी कर रही है। उनके मुताबिक, इस तरह का टैक्स लागू करने के बजाय सरकार को वैकल्पिक सड़कों के विकास और बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम डिवेलप करने पर जोर देना चाहिए।