World Diabetes Day 2023: हर साल विश्व डायबिटीज दिवस 14 नवंबर को सर फ्रेडरिक बेंटिंग की जन्म तिथि पर मनाया जाता है। सर फ्रेडरिक बेंटिंग ने चार्ल्स हरबर्ट के साथ मिल कर इंसुलिन हार्मोन की खोज की थी। इस दिन के बाद से हर साल विश्व डायबिटीज दिवस मनाया जाने लगा। इसे मनाकर लोगों में डायबिटीज के प्रति जागरूकता फैलाना है। ताकि लोग इस बीमारी की चपेट में कम से कम आएं। आंकड़ों के मुताबिक दुनियाभर में 50 करोड़ से अधिक लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं। अगले कुछ सालों में यह आकंड़ा 130 करोड़ तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
हेल्थ से जुड़े जानकारों का मानना है कि इतनी तेजी से डायबिटीज के बढ़ते केस व्यक्ति की समय से पहले मृत्यु का कारण बन सकते हैं। लिहाजा इस बीमारी के बारे में जागरूकता फैलाना काफी जरूरी है। जिससे लोग बचाव के टिप्स अपना सकें। डायबिटीज होने पर उसे कंट्रोल कर सकें।
विश्व डायबिटीज दिवस का इतिहास
विश्व डायबिटीज दिवस को मनाने का चलन पहली बार साल 1992 में शुरू हुआ था। दरअसल, इस बीमारी की खोज साल 1991 में यूएन की ओर से की गई थी। दरअसल, इस दिन सर फ्रेडरिक बैंटिंग ने चार्ल्स बेस्ट के साथ मिलकर इंसुलिन की खोज की थी। इस दिन के बाद से हर साल विश्व डायबिटीज दिवस मनाया जाने लगा।
विश्व डायबिटीज दिवस की थीम
विश्व डायबिटीज दिवस की इस साल की थीम एक्सेस टू डायबिटीज केयर (Access to diabetes care) है। दरअसल, इसका मतलब है कि डायबिटीज के मरीजों की ओर जितना ध्यान हो सके उतना ध्यान देना चाहिए। ध्यान देने से डायबिटीज को आसानी से मैनेज किया जा सकता है। ध्यान देकर आप इस बीमारी के लक्षणों को मैनेज और इसे बढ़ने से भी रोक सकते हैं।
विश्व डायबिटीज दिवस का महत्त्व
डायबिटीज डे को मनाना इसके बारे में जागरूकता फैलाने के लिए ज़रूरी है। ताकि सब लोगों को इसके लक्षणों और कब से उपचार करवाना शुरू करना है। इस समय लोगों के पास डायबिटीज से लड़ने के लिए हेल्थ केयर सुविधा है या नहीं, इस बारे में भी जानकारी दी जाती है।
अधिक वजन या मोटापा बढ़ना भी सेहत के लिए हानिकारक होता है। इससे डायबिटीज का खतरे का जोखिम बना रहता है। कई स्टडी में कहा गया है कि कभी भी वजन कम करने के प्रयासों के साथ डायबिटीज के खतरे को भी कम कर सकते हैं। नियमित शारीरिक गतिविधि के अलावा शरीर के वजन के 5 से 10 फीसदी कम करने से भी डायबिटीज ते विकसित होने का खतरा काफी कम हो सकता है।