Zero Shadow Day 2023: बेंगलुरुवासी इस साल दूसरी बार आज यानी शुक्रवार (18 अगस्त) को दो मिनट तक अपनी परछाइयों को अठखेलियां करते देखेंगे। बेंगलुरु में आज लोगों को कुछ देर के लिए धूप होने के बावजूद अपनी ही परछाई उन्हें नहीं दिखेगी। ऐसा इसलिए क्योंकि आज 'जीरो शैडो डे' यानी कि शून्य परछाई वाला दिन है। दरअसल, रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर को एक समय ऐसा आएगा जब सूरज की किरणें बेंगलुरू में सीधे लोगों के सिर पर पड़ेंगी। उस कुछ समय के लिए लोगों को अपनी ही परछाई दिखाई नहीं देगी। टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) के मुताबिक, दोपहर 12 बजकर 24 मिनट पर बेंगलुरु में लोगों को 'जीरो शैडो डे' देखने को मिलेगा।
दरअसल, सामान्य दिनों में जब हम धूप में खड़े होते हैं, तो स्वाभाविक सी बात है कि हमारी छाया या फिर परछाई नजर आने लगती है। लेकिन आज के दिन धूप तो सामान्य दिनों की तरह होती है, मगर आपकी छाया नहीं दिखती है। इसलिए आज के दिन को 'जीरो शैडो डे' कहा जाता है।
बेंगलुरु में 'जीरो शैडो डे' साल में दो बार होते हैं। एक बार 24/25 अप्रैल के आसपास देखने को मिलता है, जबकि दूसरा 18 अगस्त को नजर आता है। आप शुक्रवार को दोपहर 12:24 बजे देख सकेंगे कि इस वार्षिक घटना के दौरान परछाइयां कैसे गायब हो जाती हैं। आज के दिन सूर्य का प्रकाश सीधे हमारे सिर पर होता है। इससे हमारी परछाइयां लगभग गायब हो जाती हैं। हालांकि, सामान्य दिनों में सूरज दोपहर के समय हर जगह छाया डालता है।
एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के अनुसार, सूर्य कभी भी बिल्कुल ठीक ऊपर स्थित नहीं होता है। इसके बजाय, यह लगातार आकाश में उत्तर या दक्षिण में थोड़ी निचली स्थिति बनाए रखता है। दरअसल, पृथ्वी लगभग 23.5 डिग्री झुकी हुई है। इसी झुकाव के कारण बेंगलुरु में सूरज साल में केवल दो बार अपनी विशेष छाया का जादू दिखाता है।
'जीरो शैडो डे' की ये अद्भुत घटना साल 2021 में ओडिशा के भुवनेश्वर में पहली बार अनुभव किया जा चुका है। इसके अलावा दिनांक 21 जून साल 2022 के दिन दोपहर 12 बजकर 28 मिनट पर उज्जैन में भी 'जीरो शैडो डे' की घटना देखी गई थी।