Tripura Elecetion Results: सत्ता-विरोधी लहर को मात देने के लिए चुनाव से करीब एक साल पहले मुख्यमंत्री बदलने की रणनीति ने बीजेपी (BJP) को एक बार फिर से जीत दिलाई है। त्रिपुरा (Tripura) में पार्टी ने इस रणनीति के चलते कांग्रेस-वाम दलों के गठबंधन (Congress-Left Alliance) और तिपरा मोहता पाार्टी (Tipra Mohta) से मिल रही चुनौतियों को ध्वस्त कर दिया है। बीजेपी ने चुनाव से ठीक 10 महीने पहले त्रिपुरा में 4 सालों से मुख्यमंत्री रहे बिप्लव देब (Biplab Deb) को अचानक से हटाकर सभी को हैरान कर दिया था। पार्टी ने उनकी जगह माणिक साहा (Manik Saha) को राज्य को नया मुख्यमंत्री बनाया था।
यह पांचवीं बार था, जब बीजेपी ने विधानसभा चुनावों से ठीक पहले अपना मुख्यमंत्री बदला था। इसमें से दो बार उत्तराखंड में मुख्यमंत्री बदला गया, एक बार गुजरात और एक बार कर्नाटक में। बीजेपी ने इसमें से उत्तराखंड और गुजरात के विधानसभा चुनाव बीजेपी जीत चुकी है और अब उसने त्रिपुरा में भी जीत हासिल कर रही है। वहीं कर्नाटक में नए मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की अगुआई में पार्टी अगले कुछ महीनों में चुनाव में उतरने वाली है।
हिमाचल में CM नहीं बदलने के बाद पार्टी को मिली हार
अब मध्य प्रदेश पर टिकी सबकी निगाहें
अब सभी की निगाहें मध्य प्रदेश पर टिकी हैं, जहां बीजेपी ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को 18 साल से भी अधिक समय से कुर्सी पर बनाए रखा है।
BJP नेताओं का कहना है कि त्रिपुरा में जीत के पीछे पिछले 5 सालों में किए गए विकास कार्यों का भी हाथ रहा। लेकिन एक नए मुख्यमंत्री के आने से उसे कांटे की टक्कर में बहुमत को छूने में कामयाबी मिली।
झारखंड चुनाव के बाद आया था CM बदलने का फार्मूला
बीजेपी ने 'सीएम के मुद्दा' पर सबसे पहले तब ध्यान देना शुरू किया, जब पार्टी ने 2019 के झारखंड चुनाव में सत्ता गंवा दी। उस चुनाव से पहले BJP में आवाज उठी थी कि मुख्यमंत्री रघुबर दास को उनकी अलोकप्रियता के कारण हटा दिया जाना चाहिए, लेकिन तब पार्टी ने यह दांव खेलना सही नहीं समझा और इसके चलते उसे झामुमो-कांग्रेस गठबंधन से हार का सामना करना पड़ा। ऐसा लगता है कि झारखंड के 'सबक' ने भाजपा की दिशा तय कर दी है।
उत्तराखंड में BJP ने 2 बार बदले थे सीएम
उत्तराखंड एक ऐसा राज्य था जहां कोई भी पार्टी दोबारा सत्ता में नहीं आ पाई थी। पार्टी ने 2022 में चुनाव से करीब 11 महीने पहले अपने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को हटा दिया और उनकी जगह तीरथ सिंह रावत को मुख्यमंत्री बनाया। हालांकि कुछ महीने बाद पार्टी ने उन्हें भी बदल दिया। जुलाई 2021 में सीएम बने पुष्कर धामी ने पिछले साल फरवरी में पार्टी को ऐतिहासिक जीत दिलाई थी।
इसी तरह, गुजरात में चुनाव से करीब 13 महीने पहले बीजेपी ने अपने मुख्यमंत्री विजय रूपाणी को बदल दिया और उनकी जगह भूपेंद्रभाई पटेल को ले आए। उनकी अगुआई में पार्टी ने बीते दिसंबर में हुए गुजरात विधानसभा चुनाव को जीता।
कर्नाटक में इस साल मई में चुनाव
कर्नाटक में इस साल मई में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। BJP ने जुलाई 2021 में बीएस येदियुरप्पा की जगह बीएस बोम्मई को राज्य का नया मुख्यमंत्री बनाया। अब देखना होगा कि पार्टी के लिए ये नया फार्मूला कर्नाटक में काम आता है या नहीं।