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'ये एक घिनौना और गंभीर अपराध', UP सरकार ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले आरोपी आशीष मिश्रा की जमानत का किया विरोध

उत्तर प्रदेश की एडिशनल एडवोकेट जनरल गरिमा प्रसाद ने जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जे. के. माहेश्वरी की बेंच से कहा कि अपराध गंभीर है। उन्होंने कहा, "ये एक गंभीर और घिनौना अपराध है और इससे समाज में गलत संदेश जाएगा"

Curated By: Shubham Sharmaअपडेटेड Jan 19, 2023 पर 2:06 PM
'ये एक घिनौना और गंभीर अपराध', UP सरकार ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले आरोपी आशीष मिश्रा की जमानत का किया विरोध
UP सरकार ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले आरोपी आशीष मिश्रा की जमानात का किया विरोध

उत्तर प्रदेश सरकार (UP Government) ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले (Lakhimpur Violence Case) में आरोपी आशीष मिश्रा (Ashish Mishra) की जमानत याचिका का सुप्रीम कोर्ट (SC) में गुरुवार को विरोध किया। राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि ये अपराध घिनौना और गंभीर (grave and heinous) है। आशीष मिश्रा केंद्रीय मंत्री अजय कुमार मिश्रा (Ajay Kumar Mishra) का बेटा है।

उत्तर प्रदेश की एडिशनल एडवोकेट जनरल गरिमा प्रसाद ने जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जे. के. माहेश्वरी की बेंच से कहा कि अपराध गंभीर है। उन्होंने कहा, "ये एक गंभीर और घिनौना अपराध है और इससे समाज में गलत संदेश जाएगा।"

सुप्रीम कोर्ट ने बाद में इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली आशीष मिश्रा की तरफ से दायर याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया, जिसने मामले के संबंध में उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया था।

Indian Express के मुताबिक, शीर्ष अदालत ने कहा कि जघन्य और गंभीर अपराध के दो वर्जन होते हैं और वो किसी भी वर्जन पर टिप्पणी नहीं कर सकता। बेंच ने पूछा “हम प्रथम दृष्टया ये मान रहे हैं कि वह शामिल है और वह एक आरोपी है और निर्दोष नहीं है। क्या ये राज्य का मामला है कि उसने सबूत मिटाने की कोशिश की है?”

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