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हिमाचल में कुदरत का कहर! मूसलाधार बारिश के बाद हाईवे सहित सैकड़ों सड़कें बंद, 50 साल का टूटा रिकॉर्ड

Floods in Himachal: ब्यास नदी ने कुल्लू से मंडी तक जमकर कहर बरपाया है। कुल्लू को मनाली से जोड़ने वाली सड़क का एक हिस्सा टूटकर ब्यास नदी में समा गया। मंडी और कुल्लू के बीच कई जगह भूस्खलन की खबर है। रोहतांग और अटल टनल की ओर भी सभी आवाजाही फिलहाल रोक दी गई है। ब्यास नदी और उसकी सहायक नदियों के खतरे के निशान से ऊपर बहने की सूचना है। एडवाइजरी में यह भी बताया गया है कि मनाली-लेह हाईवे अभी बंद है और स्पीति घाटी पर भी स्थिति खराब हो रही है

Akhileshअपडेटेड Jul 10, 2023 पर 1:42 PM
हिमाचल में कुदरत का कहर! मूसलाधार बारिश के बाद हाईवे सहित सैकड़ों सड़कें बंद, 50 साल का टूटा रिकॉर्ड
Rain in Himachal: मनाली के रोहतांग पास से निकलने वाली ब्यास ने रौद्र रूप धारण कर लिया है

Rain in Himachal: हिमाचल प्रदेश जाने वाले यात्रियों को राज्य और उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में हो रही लगातार बारिश को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। हिमाचल प्रदेश में जारी मूसलाधार बारिश के चलते कई इलाकों में भारी भूस्खलन हुआ और अचानक बाढ़ आ गई। इस दौरान कई इलाके जलमग्न हो गए, सड़कें, गाड़ियां और घर बह गए। इस दौरान अब तक 6 लोगों की मौत हो गई। राज्य के अधिकारियों ने स्कूलों- कॉलेजों को दो दिनों के लिए बंद करने का आदेश दिया है। भारी बारिश के बाद चंडीगढ़-मनाली, कुल्लू-मनाली और मनाली-लेह हाईवे समेत करीब 765 सड़कें बंद कर दी गईं। लाहौल-स्पीति के चंद्रताल और सोलन जिले के साधुपुल समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों में सैकड़ों लोग फंसे हुए हैं।

मनाली के रोहतांग पास से निकलने वाली ब्यास नदी (Beas River) ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। नदी ने कुल्लू से मंडी तक जमकर कहर बरपाया है। कुल्लू को मनाली से जोड़ने वाली सड़क का एक हिस्सा टूटकर ब्यास नदी में समा गया। मंडी और कुल्लू के बीच कई जगह भूस्खलन की खबर है। रोहतांग और अटल टनल की ओर भी सभी आवाजाही फिलहाल रोक दी गई है। ब्यास नदी और उसकी सहायक नदियों के खतरे के निशान से ऊपर बहने की सूचना है।

एडवाइजरी में यह भी बताया गया है कि मनाली-लेह हाईवे अभी बंद है और स्पीति घाटी पर भी स्थिति खराब हो रही है। भूस्खलन के भारी खतरे को देखते हुए शिमला-कालका ट्रेन को भी फिलहाल रद्द कर दिया गया है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे इस क्षेत्र की किसी भी यात्रा से बचें।

राज्य में, विशेष रूप से मनाली क्षेत्र के आसपास के लोगों को भी सलाह दी जाती है कि वे अभी वहीं रहें और अपने आवास परिसर में ही रहें। वर्तमान में उफनती नदियों और पहाड़ी झरनों को देखते हुए यात्रियों को जलधाराओं से दूर रहने और ट्रैकिंग न करने की भी सलाह दी गई है। बताया जा रहा है कि औट पुल बह गया है, जिससे फिलहाल मनाली से संपर्क टूट गया है।

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