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सरकार की 6 लाख करोड़ रुपये की मॉनटाइजेशन योजना के क्या हो सकते हैं तौर तरीके

सरकार को इस योजना से एसेट्स को बेचने के बिना उनसे वैल्यू हासिल करने में मदद मिलेगी

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 25, 2021 पर 5:50 PM
सरकार की 6 लाख करोड़ रुपये की मॉनटाइजेशन योजना के क्या हो सकते हैं तौर तरीके

केंद्र सरकार ने अपने मालिकाना हक वाले एसेट्स के मॉनेटाइजेशन से 6 लाख करोड़ रुपये या लगभग 81 अरब डॉलर जुटाने की योजना बनाई है। इन एसेट्स में लैंड, रोड्स, स्टेडियम शामिल हैं। इसका सबसे आसान तरीका इन्हें बेचना है लेकिन यह हमेशा एक अच्छा समाधान नहीं होता।

उदाहरण के लिए, रोड के एक हिस्से को बेचने में मुश्किल हो सकती है। अगर आप राष्ट्रीय राजमार्गो को प्राइवेटाइज करते हैं तो इससे बहुत से लोगों को असुविधा हो सकती है।

अधिकतर सरकारी एसेट्स, विशेषतौर पर सरकार के मालिकाना हक वाली कंपनियों पर कर्ज है और इन्हें खरीदने में इनवेस्टर्स की दिलचस्पी नहीं होगी।

इसका विकल्प ऐसे कुछ वैल्यू रखने वाले एसेट्स को चुनना और उन्हें पूरी तरह बेचे बिना मॉनेटाइज करना हो सकता है।

यह कैसे होगा?

इसके लिए रोड्स का उदाहरण लिया जा सकता है। किसी रोड को पूरी तरह बेचने के बजाय उससे टोल वसूलने के राइट्स किसी प्राइवेट फर्म को ट्रांसफर किए जा सकते हैं जिसे रोड का मेंटेनेंस भी करना होगा। इसके एग्रीमेंट में टोल की फीस, राइट्स को देने की अवधि और अन्य महत्वपूर्ण विवरणों को तय किया जा सकता है। इसके बदले में प्राइवेट फर्म को एकमुश्त नकद भुगतान देना होगा।

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