World Mental Health Day: दुनिया भर में 10 अक्टूबर को मानसिक स्वास्थ्य दिवस (World Mental Health Day) मनाया जाता है। कोरोना वायरस महामारी के बाद लोगों का मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हुआ है। इसका असर अभी भी जारी है। इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization – WHO) का कहना है कि दुनिया भर में साल 2012 से 2030 के बीच मानसिक स्वास्थ्य (mental health) के चलते 1.03 लाख करोड़ डॉलर आर्थिक नुकसान हो सकता है। यह आंकड़े देश के सालाना बजट 2022 के मुकाबले दोगुने से ज्यादा है।
वहीं राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण के मुताबिक, देश की 14 फीसदी आबादी को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी इलाज कराने की जरूरत है। इसमें भारतीय लोग मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी हैं।
वहीं WHO का ये भी कहना है कि इंटरनेशनल लेवल पर 8 में एक शख्स मेंटल डिसऑर्डर (mental disorder) का शिकार है। साथ ही लोग मानसिक स्वास्थ्य के लिए उपलब्ध सेवाएं, स्किल्स और फंडिंग की कमी झेल रहे हैं। विशेष रूप से लॉ और मिडिल क्लास इनकम वाले देश। इसलिए इस साल 'वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे' पर लोगों को री-कनेक्ट करने की कोशिश की जा रही है। WHO की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2019 में दुनिया भर में 703000 लोगों ने आत्महत्या की थी। इनमें से 58 फीसदी लोगों की उम्र 50 साल से ज्यादा थी। हैरानी की सबसे बड़ी बात ये है कि 20 से 25 साल तक युवा सबसे ज्यादा सुसाइड करते हैं। इनकी संख्या 60,000 से ज्यादा है।
मेंटल हेल्थ के मामले में हेल्थ सर्विस कंपनी प्रैक्टों का कहना है कि देश के नागरिक अपने स्वास्थ्य के प्रति तेजी से जागरूक हो रहे हैं। अब वो डॉक्टरों से सलाह लेने में हिचकते नहीं है। सालाना आधार पर सलाह लेने वाले लोगों की संख्या में 44 फीसदी बढ़ी है।
ऑनलाइन सलाह लेने वालों की संख्या बढ़ी
प्रैक्टों का आगे कहना है कि कोरोना वायरस महामरी की दूसरी लहर के चलते स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ा है। मानसिक स्वास्थ्य के लिए सलाह लेने वालों की संख्या में 95 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
मेंटल हेल्थ डे 2022 की थीम
वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे की शुरुआत साल 1992 में हुई थी। इसे मनाए जाने के लिए एक थीम भी निर्धारित की गई है। इस साल की थीम ‘मेक मेंटल हेल्थ एंड वेल-बीइंग फॉर ऑल ए ग्लोबल प्राइयॉरिटी' तय की गई है।