Yes Bank-DHFL Scam: सीबीआई ने अविनाश भोसले के खिलाफ फाइल की चार्जशीट, जानिए कौन है भोसले

Yes Bank-DHFL Scam: CBI ने यस बैंक-डीएचएफएल घोटाले में मार्च 2020 में केस फाइल किया था। तब से यह इस मामले में चौथी चार्जशीट है। पिछले महीने सीबीआई ने तीसरी चार्जशीट रेडियस ग्रुप के संजय छाबड़िया के खिलाफ फाइल की थी। दो चार्ज शीट जून 2020 और जुलाई 2021 में फाइल की गई थी

अपडेटेड Jul 27, 2022 पर 2:00 PM
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Yes Bank scam में अब तक कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है

Yes Bank-DHFL Scam: CBI ने यस बैंक-डीएचएफएल घोटाले में सोमवार को अविनाश भोसले के खिलाफ चार्जशीट फाइल कर दी। जांच एंजेसी ने सत्येन टंडन के खिलाफ भी चार्जशीट फाइल की है। 3,700 करोड़ रुपये का लोन फ्रॉड 2020 में सामने आया था। भोसले को सीबीआई पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। बाद में ED ने भी उसे गिरफ्तार किया था। अभी वह जेल में है।

भोसले पुणे का बिजनेसमैन है। वह रियल एस्टेट का भी कारोबार करता था। बताया जाता है कि महाराष्ट्र के बड़े नेताओं से उसके करीब संबंध रहे हैं। सोमवार को दाखिल चार्जशीट में भोसले और इस मामले से जुड़ी छह कपनियों के नाम भी शामिल हैं। इनमें Metropolis Hotels, ABIL Infraprojects, ABIL Hospitality, Arindam Developers, Avinash Bhosale Group और Flora Developments शामिल हैं।

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यस बैंक-डीएचएफएल घोटाले में सीबीआई ने मार्च 2020 में केस फाइल किया था। तब से यह इस मामले में चौथी चार्जशीट है। पिछले महीने सीबीआई ने तीसरी चार्जशीट रेडियस ग्रुप के संजय छाबड़िया के खिलाफ फाइल की थी। दो चार्ज शीट जून 2020 और जुलाई 2021 में फाइल की गई थी। इनमें डीएचएफएल के प्रमोटरों कपिल वधावन, उसके भाई धीरज वधावन और यस बैंक के को-फाउंडर राणा कपूर और उसके परिवार के सदस्यों के नाम शामिल थे।

CBI ने भोसले को इस साल मई में गिरफ्तार किया था। इससे पहले उसके घर और ऑफिस पर छापे मारे गए थे। बताया जाता है कि भोसले ने यस बैंक से डीएचएफएल को लोन दिलवाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। इसके एवज में उसने करोड़ों रुपये का कमीशन हासिल किया था। सीबीआई का आरोप है कि भोसले की कंपनियों ने 2018 में डीएचएफएल से करीब 69 करोड़ रुपये कमीशन हासिल किए थे। इसे कंसल्टेंसी सर्विसेज के लिए लिया गया चार्ज बताया गया था।

बताया गया कि भोसले की कंपनियों ने तीन प्रोजेक्ट्स-Avenue 54, One Mahalaxmi और एक स्लम रिहैब्लिटेशन प्रोजेक्ट के लिए कंसल्टेंसी सर्विसेज दी थी। लेकिन, सीबीआई की जांच में सामने आया कि कोई कंसल्टेंसी सर्विसेज नहीं दी गई थी। बगैर किसी काम किए भोसले की कंपनियों को पैसे दिए गए थे। यह पैसा डीएचएफएल को यस बैंक के दिलवाए गए लोन का कमीशन हो सकता है।

एक गवाह ने पूछताछ में सीबीआई को बताया कि कपिल वधावन ने भोसले की कंपनियों को बतौर कमीशन पैसा देने का निर्देश दिया था। यह यस बैंक की तरफ से डीएचएफएल की कंपनियों के लिए दिए गए लोन के कमीशन के रूप में था।

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