Adani Wilmar IPO:जानिए 2 दिन के सब्सक्रिप्शन के बाद ग्रे मार्केट से मिल रहे हैं क्या संकेत, क्या है एक्सपर्ट्स की राय?

Green Portfolio के अनुज जैन का कहना है कि खाद्य तेल बाजार में अडानी विल्मर की 18.3 फीसदी हिस्सेदारी है। आगे कंपनी का आउटलुक काफी अच्छा नजर आ रहा है। इस आईपीओ में लंबी अवधि के नजरिए से पैसे लगाना चाहिए.

अपडेटेड Jan 29, 2022 पर 1:49 PM
तेजी की स्थिति में यह 65 रुपये के प्रीमियम पर वहीं बाजार का मूड़ खराब होने की स्थिति में 45 रुपये प्रीमियम पर लिस्ट होता नजर आ सकता है।

Adani Wilmar IPO: Adani Wilmar का आईपीओ 27 जनवरी 2022 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुला। 2 दिनों की बीडिंग के बाद इस आईपीओ के सब्सक्रिप्शन स्टेटस से पता चलता है कि यह आईपीओ अब तक 1.13 गुना भरा है। 2 दिन की बीडिंग के बाद इसका रिटेल हिस्सा 1.85 गुना भरा है। बता दें कि इस आईपीओ की साइज 3600 करोड़ रुपये है।

ग्रे मार्केट पर नजर रखने वाले एक्सपर्ट्स का कहना है कि अडानी विल्मर का शेयर आज ग्रे मार्केट में 45 रुपये प्रीमियम पर मिल रहा है जो कि कल के 47 रुपये के GMP से 2 रुपये कम है। इनका कहना है कि 2 दिन की बीडिंग के बाद ग्रे मार्केट और आईपीओ के सब्सक्रिप्शन स्टेटस से पता चलता है कि बाजार के निगेटिव सेंटिमेंट के बावजूद इस आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम पिछले 3 दिनों से 45 रुपये के आसपास टिके रहने में कामयाब रहा है जो इस आईपीओ के लिए एक अच्छा संकेत है।

एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि अडानी विल्मर के शेयर ने ग्रे मार्केट में अपना आगाज 65 रुपये के आसपास किया था। जिसका मतलब यह है कि तेजी की स्थिति में यह 65 रुपये के प्रीमियम पर वहीं बाजार का मूड़ खराब होने की स्थिति में 45 रुपये प्रीमियम पर लिस्ट होता नजर आ सकता है।


अडानी विल्मर के आईपीओ में खरीदारी की सलाह देते हुए Trustline Securities की अपराजिता सक्सेना (Aprajita Saxena)का कहना है कि कंपनी ब्रैंडेड खाने के तेल और पैकेज्ड फूड कारोबार में लीडरशिप पोजिशन रखती है। इसकी ब्रांड पहचान काफी अच्छी है औऱ इसका कस्टमर बेस बहुत बड़ा है। इसके साथ ही इसका प्रोडक्ट पोर्टफोलियो भी काफी डायवर्सिफाइड है। देश में बढ़ते खपत और सरकार की प्रोत्साहन देने वाली नीतियों के चलते आगे एफएमसीजी कंपनियों के दिन अच्छे नजर आ रहे हैं। ऐसे में इस खाद्य तेल स्टॉक में भी आगे अच्छी ग्रोथ देखने को मिल सकती है।

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इसी तरह Green Portfolio के अनुज जैन का कहना है कि खाद्य तेल बाजार में अडानी विल्मर की 18.3 फीसदी हिस्सेदारी है। आगे कंपनी का आउटलुक काफी अच्छा नजर आ रहा है। इस आईपीओ में लंबी अवधि के नजरिए से पैसे लगाना चाहिए।

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