मेनबोर्ड सेगमेंट में एड्रोइट इंडस्ट्रीज अपना ₹150.71 करोड़ का पब्लिक इश्यू ला रही है। इसमें ₹132.62 करोड़ के 98.97 लाख नए शेयर जारी होंगे। साथ ही ₹18.09 करोड़ के 13.50 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। OFS में प्रमोटर मुकेश सांगला (HUF) की ओर से शेयर बिक्री के लिए रखे जाएंगे। IPO की ओपनिंग 23 सितंबर को होगी। प्राइस बैंड ₹126-₹134 प्रति शेयर और लॉट साइज 111 शेयर है। एंकर इनवेस्टर 22 सितंबर को बोली लगा सकेंगे। 25 सितंबर को इश्यू बंद होने के बाद अलॉटमेंट 28 सितंबर को फाइनल हो सकता है। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 30 सितंबर को हो सकती है।
इस IPO के लिए चॉइस कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड है। पब्लिक इश्यू में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।
क्या करती है Adroit Industries
एड्रोइट इंडस्ट्रीज (इंडिया) लिमिटेड ड्राइवलाइन सिस्टम्स में इस्तेमाल होने वाले प्रोपेलर शाफ्ट और टॉर्क-ट्रांसमिशन पार्ट्स बनाती और सप्लाई करती है। कंपनी 5,000 से ज्यादा SKUs का पोर्टफोलियो ऑफर करती है, जिसमें प्रिसिशन-मशीन्ड टॉर्क-ट्रांसमिशन कंपोनेंट्स, कंप्लीट प्रोपेलर शाफ्ट असेंबलीज और फोर्ज्ड कंपोनेंट्स शामिल हैं। इसकी वर्टिकली इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं में फोर्जिंग, प्रिसिशन मशीनिंग, हीट ट्रीटमेंट, असेंबली, बैलेंसिंग और टेस्टिंग शामिल हैं, जिससे प्रोडक्शन प्रोसेस पर पूरा कंट्रोल बना रहता है।
कंपनी अपने प्रोडक्ट्स को डिस्ट्रीब्यूटर्स, टियर-1 ड्राइवलाइन कंपोनेंट सप्लायर्स और सीधे ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स को कस्टमर्स की खास टेक्निकल जरूरतों के आधार पर सप्लाई करती है। इसके प्रोडक्ट्स मुख्य रूप से कमर्शियल गाड़ियों के साथ-साथ SUVs, डिफेंस और इमरजेंसी सर्विसेज, हैवी इक्विपमेंट, ऑफ-हाइवे मशीनरी और इंडस्ट्रियल कामों के लिए इस्तेमाल होते हैं। कंपनी की एक्सपोर्ट में अच्छी मौजूदगी है और यह नॉर्थ अमेरिका, यूरोप, लैटिन अमेरिका, मिडिल ईस्ट, अफ्रीका और एशिया-पैसिफिक में कस्टमर्स को प्रोडक्ट्स सप्लाई करती है।
एड्रोइट इंडस्ट्रीज का रेवेन्यू वित्त वर्ष 2025-26 में 5 प्रतिशत बढ़कर 143 करोड़ रुपये हो गया। शुद्ध मुनाफा 44 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 26.16 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। इस बीच कंपनी पर 52.40 करोड़ रुपये की उधारी थी। वित्त वर्ष 2025 के दौरान रेवेन्यू 136.61 करोड़ और शुद्ध मुनाफा 18.14 करोड़ रहा। IPO में नए शेयर जारी कर होने वाली कमाई का इस्तेमाल देवास फैसिलिटी के लिए मशीनरी व इक्विपमेंट खरीदने के लिए, मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज के बीच सामान की आवाजाही के लिए ट्रांसपोर्टेशन व्हीकल खरीदने के लिए, सब्सिडियरीज में डेट या इक्विटी के तौर पर निवेश के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
ग्रे मार्केट में एड्रोइट इंडस्ट्रीज का शेयर अभी से 26.12 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।
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