ASK Automotive के 7 नवंबर से खुल रहे IPO के लिए प्राइस बैंड सेट हो गया है। यह 268-282 रुपये प्रति शेयर रहेगा। IPO के लिए कंपनी की ओर से फाइल किए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) के अनुसार यह तीन दिन का इश्यू पूरी तरह से OFS (Offer for Sale) होगा। प्रमोटर्स कुलदीप सिंह राठी और विजय राठी की ओर से 2,95,71,390 इक्विटी शेयरों को बिक्री के लिए रखा जाएगा। कंपनी का प्लान अपर प्राइस बैंड पर 833.91 करोड़ रुपये जुटाने का है। IPO 9 नवंबर को बंद होगा और एंकर निवेशक, 6 नवंबर से बोली लगा सकेंगे।
वर्तमान में सिंह राठी के पास ASK Automotive में 41.33 प्रतिशत और विजय राठी के पास 32.3 प्रतिशत हिस्सेदारी है। चूंकि IPO पूरी तरह से एक OFS है, इसलिए हासिल होने वाले पैसे शेयर बिक्री करने वाले शेयरधारकों के पास जाएंगे। IPO के तहत 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए 15 प्रतिशत हिस्सा हाई नेटवर्थ वाले लोगों के लिए और 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व रखा गया है। निवेशक 53 शेयरों के लॉट में बोली लगा सकते हैं।
जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड, एक्सिस कैपिटल लिमिटेड, ICICI सिक्योरिटीज लिमिटेड और IIFL सिक्योरिटीज लिमिटेड इस इश्यू के बुक-रनिंग लीड मैनेजर हैं। इक्विटी शेयरों को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट करने का प्रस्ताव है। IPO क्लोज होने के बाद शेयरों का अलॉटमेंट 15 नवंबर को हो सकता है और इन्हें सफल निवेशकों के डीमैट अकाउंट में 17 नवंबर को क्रेडिट किया जा सकता है।
गुरुग्राम स्थित ASK Automotive भारत में टूव्हीलर्स के लिए ब्रेक-शू और एडवांस्ड ब्रेकिंग (एबी) सिस्टम की सबसे बड़ी मैन्युफैक्चरर्स में से एक है। ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स के लिए प्रोडक्शन वॉल्यूम और ब्रांडेड इंडिपेंडेंट आफ्टरमार्केट के मामले में कंपनी की वित्त वर्ष 2023 में लगभग 50 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी थी। कंपनी इन-हाउस डिजाइनिंग, विकास और मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं के साथ सुरक्षा प्रणालियों और क्रिटिकल इंजीनियरिंग सॉल्यूशंस की आपूर्ति करती है। कंपनी के ग्राहकों में टीवीएस मोटर कंपनी लिमिटेड, हीरो मोटोकॉर्प, ग्रीव्स इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, बजाज ऑटो आदि शामिल हैं। ASK Automotive की भारत के 5 राज्यों में 15 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी हैं। कंपनी ने मार्केट रेगुलेटर सेबी के समक्ष IPO को लेकर मंजूरी के लिए आवेदन जून से अगस्त के दौरान किया था। अक्टूबर के मध्य में इसे मंजूरी मिल गई।