मैकडॉवेल्स, रॉयल चैलेंज, जॉनी वॉकर जैसे लिकर ब्रांड्स वाली कंपनी यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड (United Spirits Limited) से कर अधिकारियों ने अतिरिक्त 3.4 करोड़ रुपये की मांग की है। अधिकारियों का कहना है कि कंपनी की ओर से जुलाई-अगस्त 2017 के दौरान भुगतान किए गए जीएसटी में विसंगतियां पाई गई हैं, जिसकी भरपाई के लिए यह अतिरिक्त अमाउंट मांगा गया है। यूनाइटेड स्पिरिट्स ने शेयर बाजारों को इस बारे में जानकारी दी है, जिसमें कहा गया है, 'हम आपको सूचित करना चाहेंगे कि कंपनी को जीएसटी अधिकारियों की ओर से ऑर्डर-इन-ओरिजिनल मिला है। इसमें टैक्स अथॉरिटीज ने कहा है कि कंपनी द्वारा प्रदान किए गए ट्रेडमार्क्स के इस्तेमाल के अधिकार पर अर्जित आय पर 18 प्रतिशत की उच्च दर लागू है, जबकि कंपनी की ओर से जुलाई और अगस्त 2017 में 12 प्रतिशत जीएसटी का भुगतान किया गया है। इसलिए टैक्स अथॉरिटीज की ओर से और 3.4 करोड़ रुपये (1.7 करोड़ रुपये का ब्याज और 15 लाख रुपये का जुर्माना सहित) की डिफरेंशियल जीएसटी लायबिलिटी के भुगतान की मांग की गई है।'
यूनाइटेड स्पिरिट्स ने बताया कि उसे सितंबर 2017 से सितंबर 2021 की अवधि के लिए पहले ही इसी तरह के आदेश मिल चुके हैं और उसने इसके खिलाफ जॉइंट कमिश्नर ऑफ कमर्शियल टैक्सेज (अपील-1), बैंगलोर के समक्ष अपील भी दायर की है। कंपनी इस केस को लड़ने और उचित कर अधिकारियों/अदालतों के समक्ष अपील दायर करने के लिए उचित कदम उठाएगी। जून 2017 से सितंबर 2021 की अवधि के लिए टैक्स डिमांड कुल मिलाकर 61.2 करोड़ रुपये है।
कितनी पुरानी है यूनाइटेड स्पिरिट्स
यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड का पुराना नाम United Breweries Limited था। इसे McDowell नामक एक भारतीय ट्रेडिंग कंपनी के तौर पर 1826 में शुरू किया गया था। यह McDowell & Company Limited के तौर पर 1898 में इनकॉरपोरेट हुई। साल 1951 में विजय माल्या के पिता विट्ठल माल्या के United Breweries Group ने McDowell and Company को खरीद लिया। बाद में कंपनी यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड हो गई और वर्तमान में इसका मालिकाना हक ब्रिटेन की मल्टीनेशनल कंपनी डियाजियो के पास है। कंपनी के पास मैकडॉवेल्स, रॉयल चैलेंज, सिग्नेचर, जॉनी वॉकर, बैगपाइपर और ब्लैक डॉग जैसे लिकर ब्रांड हैं।
बंद किया 200 साल से अधिक पुराना प्लांट
यूनाइटेड स्पिरिट्स ने हाल ही में उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में स्थित अपने 200 साल से अधिक पुराने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट को बंद कर दिया है। शाहजहांपुर प्लांट में ऑपरेशंस को वित्त वर्ष 2022-23 में ही रोक दिया गया था और तब से वहां किसी तरह की मैन्युफैक्चरिंग नहीं हुई है। कंपनी ने कहा कि इस प्लांट का ढांचागत आधार बहुत पुराना हो चुका है और इसकी मशीनरी भी बहुत पुरानी टेक्नोलॉजी वाली है। इस टेक्नोलॉजी और मशीनरी को बदलने पर बहुत बड़ी लागत आती, जो मौजूदा बाजार स्थितियों के लिहाज से व्यवहार्य नहीं है। इन पहलुओं को ध्यान में रखते हुए यूनाइटेड स्पिरिट्स के बोर्ड ने शाहजहांपुर प्लांट को 31 अक्टूबर से बंद कर दिया।