Bajaj Housing Finance IPO: मार्केट में लिस्टेड बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance) के पूर्ण मालिकाना हक वाली बजाज हाउसिंग फाइनेंस के भी लिस्टिंग की तैयारी चल रही है। कंपनी को बाजार नियामक सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) से इसकी मंजूरी भी मिल चुकी है। डिपॉजिट नहीं लेने वाली हाउसिंग फाइनेंस कंपनी ने जून 2024 में आईपीओ के लिए सेबी के पास अप्लाई किया था। बाजार नियामक के पास दाखिल आईपीओ के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के मुताबिक यह आईपीओ करीब 7 हजार करोड़ रुपये का है।
Bajaj Housing Finance IPO की डिटेल्स
बजाज हाउसिंग फाइनेंस 7 हजार करोड़ रुपये का आईपीओ लाएगी जिसके तहत 4 हजार करोड़ रुपये के नए शेयर जारी करने की योजना है। इसके अलावा प्रमोटर बजाज फाइनेंस आईपीओ के ऑफर फॉर सेल (OFS) विंडो के तहत 3 हजार करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री करेगी। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेतने वाले शेयरहोल्डर्स को मिलेगा। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कैपिटल बेस को बढ़ाने में होगा। इस इश्यू के लिए बुक रनिंग लीड मैनेजर कोटक महिंद्रा कैपिटल, बोफा सिक्योरिटीज इंडिया, एक्सिस कैपिटल, गोल्डमैन सैक्स (इंडिया) सिक्योरिटीज, एसबीआई कैपिटल मार्केट्स, जेएम फाइनेंशियल और आईआईएफएल सिक्योरिटीज हैं।
बजाज हाउसिंग फाइनेंस क्यों ला रहा आईपीओ?
बजाज हाउसिंग फाइनेंस को केंद्रीय बैंक RBI के नियमों के चलते आईपीओ लाना है। आरबीआई के नियमों के मुताबिक अपर लेयर एनबीएफसी को स्टॉक मार्केट में लिस्ट होना अनिवार्य है और इसके लिए उन्हें तीन साल का समय मिलता है। बजाज हाउसिंग फाइनेंस के लिए यह डेडलाइन सितंबर 2025 है। अपर लेयर में ऐसी एनबीएफसी को रखा जाता है जो सिस्टम के लिए काफी महत्वपूर्ण है और इनका वित्तीय प्रणाली के साथ महत्वपूर्ण संबंध होता है।
बजाज हाउसिंग फाइनेंस के कारोबारी सेहत की बात करें तो चालू वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2024 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 5 फीसदी उछलकर 483 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसका एसेट्स अंडर मैनेजमेंट ₹97,071 करोड़ रुपये है। इसके पोर्टफोलियो का 57 फीसदी हिस्सेदारी होम लोन का है। एसेट क्वालिटी की बात करें तो इसका ग्रॉस एनपीए सालाना आधार पर 0.23 फीसदी से गिरकर 0.28 फीसदी और नेट एनपीए रेश्यो 0.08 फीसदी से गिरकर 0.11 फीसदी पर पहुंच गय।