एंकर राउंड में प्रशांत खेमका और मधुसूदन केला ने लगाया बड़ा दांव, आज से खुल गया इश्यू; जानें आनंद राठी का नजरिया
Behari Lal Engineering IPO: कंपनी ने अपर प्राइस बैंड पर एंकर इन्वेस्टर्स को कुल 31.74 लाख इक्विटी शेयर आवंटित किए हैं। इस एंकर बुक में 9 बड़े दिग्गज संस्थागत निवेशकों ने हिस्सा लिया। प्रशांत खेमका की वाइटऑक कैपिटल ने अपनी 3 स्कीमों के जरिए ₹20 करोड़ का निवेश कर सबसे ज्यादा 7.01 लाख शेयर और बंधन म्यूचुअल फंड ने ₹14 करोड़ के 4.91 लाख शेयर खरीदे
पब्लिक इश्यू खुलने से ठीक एक दिन पहले कंपनी ने एंकर इन्वेस्टर्स से ₹90.48 करोड़ का फंड जुटाया
Behari Lal Engineering IPO Details: पंजाब स्थित आयरन और स्टील मैन्युफैक्चरिंग कंपनी बिहारी लाल इंजीनियरिंग का आईपीओ आज, 12 अगस्त से आम निवेशकों के लिए खुल गया है। पब्लिक इश्यू खुलने से ठीक एक दिन पहले कंपनी ने एंकर इन्वेस्टर्स से ₹90.48 करोड़ का फंड जुटा लिया है।
कंपनी इस आईपीओ के जरिए कुल ₹301.6 करोड़ जुटाने का लक्ष्य लेकर आई है। अगर आप भी इस आईपीओ में दांव लगाने का सोच रहे हैं, तो जानिए इसके एंकर बुक, प्राइस बैंड, बिजनेस मॉडल और ब्रोकरेज हाउस की राय से जुड़े सभी जरूरी डिटेल्स।
एंकर राउंड में WhiteOak और मधुसूदन केला का बड़ा दांव
कंपनी ने अपर प्राइस बैंड पर एंकर इन्वेस्टर्स को कुल 31.74 लाख इक्विटी शेयर आवंटित किए हैं। इस एंकर बुक में 9 बड़े दिग्गज संस्थागत निवेशकों ने हिस्सा लिया:
WhiteOak Capital: प्रशांत खेमका की वाइटऑक कैपिटल ने अपनी 3 स्कीमों के जरिए ₹20 करोड़ का निवेश कर सबसे ज्यादा 7.01 लाख शेयर खरीदे।
Bandhan Mutual Fund: बंधन म्यूचुअल फंड ने ₹14 करोड़ (4.91 लाख शेयर) का निवेश किया।
360 ONE: ₹13 करोड़ में 4.56 लाख शेयर खरीदे।
Singularity AMC (मधुसूदन केला): बाजार के दिग्गज निवेशक मधुसूदन केला समर्थित सिंगुलैरिटी ने ₹10 करोड़ (3.5 लाख शेयर) लगाए।
अन्य निवेशक: इसके अलावा टाटा एआईए लाइफ इंश्योरेंस, पाइनब्रिज ग्लोबल फंड्स, एमीकॉर्प कैपिटल (मॉरीशस) और इकिगई ने भी एंकर बुक में हिस्सा लिया।
IPO की मुख्य तारीखें और डिटेल्स
आईपीओ ओपनिंग डेट: 12 अगस्त 2026
आईपीओ क्लोजिंग डेट: 14 अगस्त 2026
प्राइस बैंड: ₹271 से ₹285 प्रति शेयर
कुल इश्यू साइज: ₹301.6 करोड़
फ्रेश इश्यू: ₹93 करोड़
ऑफर फॉर सेल (OFS): ₹208.62 करोड़ (प्रमोटर्स और एसजी टेक इंजीनियरिंग द्वारा 73.2 लाख शेयर)
क्या करती है बिहारी लाल इंजीनियरिंग?
पंजाब के मंडी गोबिंदगढ़ में स्थित यह कंपनी कस्टमाइज्ड इंजीनियरिंग सॉल्यूशंस और प्रिसिजन-इंजीनियर्ड कंपोनेंट्स बनाने वाली इंटीग्रेटेड आयरन एंड स्टील मैन्युफैक्चरिंग कंपनी है। यह मेटल रोल्स, इंजीनियरिंग कास्टिंग्स, अलॉय स्टील प्रोडक्ट्स और फोर्जिंग इंगोट्स का निर्माण करती है।
यह भारत के सबसे बड़े मेटल रोल निर्माताओं में से एक है, जो वित्त वर्ष 2026 (FY26) में घरेलू मांग का 10.0% से 11.5% हिस्सा कवर करती है। कंपनी के कुल राजस्व में अलॉय स्टील का 45.8%, मेटल रोल्स का 26.4% और इंजीनियरिंग कास्टिंग्स का 19.5% योगदान है। यह ऑटोमोबाइल, स्टील, माइनिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर, एयरोस्पेस, डिफेंस और सीमेंट जैसे प्रमुख सेक्टरों को सर्व करती है।
फंड का इस्तेमाल: कहां खर्च होंगे पैसे?
कंपनी फ्रेश इश्यू से मिलने वाली ₹93 करोड़ में से:
₹63 करोड़: पंजाब के सलानी और तुरान गांवों में स्थित दो मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के लिए नए उपकरण, मशीनरी और रूफटॉप सोलर पैनल खरीदने में खर्च करेगी।
₹57 लाख: पुराने कर्ज को चुकाने में इस्तेमाल होंगे।
बाकी रकम: सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों में लगाई जाएगी।
ब्रोकरेज हाउस आनंद राठी का नजरिया
ब्रोकरेज हाउस आनंद राठी ने बिहारी लाल इंजीनियरिंग के आईपीओ को 'Subscribe - Long Term' यानी लंबी अवधि के लिए सब्सक्राइब करने की सलाह दी है। ब्रोकरेज के मुताबिक, ₹285 के अपर प्राइस बैंड पर कंपनी का शेयर FY26 की कमाई के हिसाब से 18.6x के P/E मल्टीपल और 13.3x के EV/EBITDA पर मिल रहा है, जिससे इसकी वैल्यूएशन पूरी तरह वाजिब नजर आती है। मेटल रोल्स मार्केट में कंपनी की मजबूत 10-11.5% हिस्सेदारी, विविधीकृत उत्पाद पोर्टफोलियो और एयरोस्पेस-डिफेंस जैसे प्रमुख क्षेत्रों में इसकी बढ़ती उपस्थिति को देखते हुए लंबी अवधि के निवेशकों के लिए इसमें बेहतर ग्रोथ की संभावना है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।