Acevector IPO: स्नैपडील की पेरेंट का इश्यू पहले दिन ठंडा, अब तक महज 12% भरा; क्या लगाना चाहिए पैसा?

Acevector IPO: ऐसवेक्टर को कुणाल बहल और रोहित बंसल ने शुरू किया। कंपनी स्नैपडील के साथ-साथ SaaS प्लेटफॉर्म 'यूनिकॉमर्स' और कंज्यूमर ब्रांड बिल्डिंग फर्म Stellaro Brands को भी ऑपरेट करती है। IPO से पहले ऐसवेक्टर ने एंकर इनवेस्टर्स से ₹189 करोड़ जुटाए

अपडेटेड Sep 25, 2026 पर 3:28 PM
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Acevector के शेयर NSE और BSE पर 5 अक्टूबर को लिस्ट होने की उम्मीद है।

ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस स्नैपडील की पेरेंट कंपनी ऐसवेक्टर का ₹420 करोड़ का IPO आज, 25 सितंबर से खुल गया। IPO में ₹287 करोड़ के 8.97 करोड़ नए शेयर जारी हो रहे हैं। साथ ही ₹133 करोड़ के 4.16 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) है। OFS में प्रमोटर स्टारफिश I पीटीई लिमिटेड के साथ—साथ नेक्सस इंडिया डायरेक्ट इनवेस्टमेंट्स II, FIH बिजनेस ग्लोबल पीटीई लिमिटेड, नेक्सस अपॉर्चुनिटी फंड लिमिटेड, नेक्सस वेंचर्स III लिमिटेड, जेसन अशोक कोठारी, राधिका गुप्ता, रूपेन इनवेस्टमेंट एंड इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड जैसे निवेशक शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे।

ऐसवेक्टर IPO पहले दिन दोपहर 3 ​बजे तक 12 प्रतिशत भरा है। नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 14 प्रतिशत और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 46 प्रतिशत सब्सक्राइब हुआ है। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सो को अभी 0 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला है।

ऐसवेक्टर को कुणाल बहल और रोहित बंसल ने शुरू किया। कंपनी में सॉफ्टबैंक की सब्सिडियरी स्टारफिश का भी पैसा लगा हुआ है। ऐसवेक्टर, स्नैपडील के साथ-साथ सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस (SaaS) प्लेटफॉर्म 'यूनिकॉमर्स' और कंज्यूमर ब्रांड बिल्डिंग फर्म Stellaro Brands को भी ऑपरेट करती है। यूनिकॉमर्स अगस्त 2024 में शेयर बाजार में लिस्ट हो चुकी है। इसका IPO ₹276.57 करोड़ का था।


कितना प्राइस बैंड और लिस्टिंग कब

IPO की क्लोजिंग 29 सितंबर को होगी, उसके बाद अलॉटमेंट 30 सितंबर को फाइनल हो सकता है। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 5 अक्टूबर को लिस्ट होने की उम्मीद है। IPO के लिए प्राइस बैंड ₹30-₹32 प्रति शेयर है। लॉट साइज 468 शेयर है। IPO के लिए IIFL कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड, बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार MUFG Intime India है।

IPO से पहले ऐसवेक्टर ने एंकर इनवेस्टर्स से ₹189 करोड़ जुटाए। IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल मार्केटप्लेस बिजनेस की मार्केटिंग और बिजनेस प्रमोशन के लिए, मार्केटप्लेस बिजनेस के टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए, अधिग्रहणों के जरिए इनऑर्गेनिक ग्रोथ के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।

Acevector के शेयर NSE और BSE पर 5 अक्टूबर को लिस्ट होने की उम्मीद है। 

ब्रोकरेज की राय

SBI सिक्योरिटीज ने AceVector IPO को 'अवॉइड' (इससे दूर रहने) रेटिंग दी है। इसकी वजह कंपनी को लगातार हो रहा घाटा, कड़ी प्रतिस्पर्धा और कंपनी का थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स प्रोवाइडर्स पर निर्भर होना है। ​FY24 से FY26 के बीच कंपनी का रेवेन्यू 15.9 प्रतिशत CAGR (कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट) से बढ़ा। एडजस्टेड EBITDA लॉस FY24 के ₹27 करोड़ से घटकर FY26 में ₹16 करोड़ रह गया। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि भविष्य में ग्रोथ टियर-2 और छोटे शहरों में ज्यादा पहुंच, AI-बेस्ड सर्च में सुधार, SaaS क्लाइंट बेस के विस्तार और रिटेल स्टोर्स में बढ़ोतरी से आएगी।

SBI सिक्योरिटीज ने लगातार हो रहे नुकसान और मीशो, फ्लिपकार्ट, एमेजॉन जैसी स्थापित कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा को चिंता का मुख्य विषय बताया है। ब्रोकरेज ने AceVector के थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स प्रोवाइडर्स पर पूरी तरह निर्भर होने पर भी चिंता जताई है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी निकट से मध्यम अवधि में नुकसान में ही रहेगी। इसलिए, उसने इस इश्यू से दूर रहने और लिस्टिंग के बाद स्टॉक पर नजर रखने की सलाह दी है।

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