ओरिएंट केबल्स के आईपीओ को शानदार रिस्पॉन्स मिला है। 25 सितंबर को पहले दिन ही 1 बजे तक इश्यू 87 फीसदी सब्सक्राइब हो चुका था। यह इश्यू 552 करोड़ रुपये का है। कंपनी ने 258-272 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। इस इश्यू में 29 सितंबर तक बोली लगाई जा सकती है।
24 सितंबर को जीएमपी 41 फीसदी था
इनवेस्टरगेन के मुताबिक, इस शेयर पर ग्रे मार्केट प्रीमियम 25 फीसदी चल रहा है। 24 सितंबर को जीएमपी 41 फीसदी से ज्यादा था। अगर शेयर की लिस्टिंग जीएमपी के मुताबिक होती है तो इनवेस्टर्स को अच्छा मुनाफा हो सकता है। हालांकि, जीएमपी से शेयरों की लिस्टिंग का सिर्फ एक संकेत मिलता है। यह शेयर की लिस्टिंग प्राइस की गांरटी नहीं है।
आईपीओ में ऑफर फॉर सेल भी शामिल
ओरिएंट केबल्स गुरुग्राम की कंपनी है। कंपनी के आईपीओ में ऑफर फॉर सेल (OFS) भी शामिल है। इसका मतलब है कि आईपीओ में नए शेयर एलॉट होने के साथ ही प्रमोटर फैमिली अपने कुछ शेयर बेचेगी। इस आईपीओ में कम से कम शेयरों के एक लाट के लिए बोली लगानी होगी। एक लॉट 55 शेयरों का है। इसका मतलब है कि प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर बोली लगाने के लिए कम से कम 14,960 रुपये की जरूरत पड़ेगी।
एंकर इनवेस्टर्स से 165 करोड़ जुटा चुकी है कंपनी
कंपनी ने आईपीओ खुलने से पहले एंकर इनवेस्टर्स से 165.6 करोड़ रुपये जुटाए हैं। उसने 272 रुपये प्रति शेयर के भाव पर कुल 60.88 लाख शेयर एलॉट किए हैं। एंकर इनवेस्टर्स में कई बड़े म्यूचुअल फंड हाउस शामिल हैं।
कंपनी आईपीओ के पैसे से नई मशीन खरीदेगी
कंपनी इश्यू से जुटाए गए पैसे में से 91.5 करोड़ रुपये का इस्तेमाल नई मशीन और इक्विपमेंट खरीदने के लिए करेगी। साथ ही अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में कुछ सिविल वर्क कराएगी। वह 155.5 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करेगी। बाकी पैसे का इस्तेमाल सामान्य कारोबारी जरूरतों के लिए होगा।
कंपनी नेटवर्किंग सहित कई तरह के केबल्स बनाती है
ओरिएंट केबल्स नेटवर्किंग केबल्स और पैसिव नेटवर्किंग इक्विपमेंट बनाती है। साथ ही स्पेशियलिटी और ऑप्टिकल फाइबर केबल्स बनाती है। इसके ग्राहकों में ब्रॉडबैंड, टेलीकॉम, डेटा सेंटर्स, रिन्यूएबल एनर्जी और स्मार्ट बिल्डिंग ऑटोमेशन सेंगमेंट शामिल हैं। यह आईपीओ ऐसे वक्त आया है, जब प्राइमरी मार्केट में काफी हलचल है। एनएसई का आईपीओ 24 सितंबर को लिस्ट हुआ। यह देश का दूसरा सबसे बड़ा आईपीओ था। सबसे बड़ा आईपीओ ह्युंडई का था।