Bharti Hexacom IPO : भारती एयरटेल की सब्सिडियरी कंपनी भारती हेक्साकॉम का आईपीओ 3 अप्रैल को खुलने वाला है। यह नए वित्तीय वर्ष 2024-25 का पहला पब्लिक इश्यू होगा। निवेशकों के पास इस आईपीओ में 5 अप्रैल तक निवेश का मौका रहेगा। प्राइस बैंड की घोषणा अगले हफ्ते की जाएगी। एंकर निवेशकों के लिए यह इश्यू 2 अप्रैल को एक दिन के लिए खुलेगा। इस आईपीओ में फ्रेश इक्विटी शेयर जारी नहीं होंगे। यानी इसमें केवल ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत शेयरों की बिक्री की जाएगी।
कंपनी के एकमात्र पब्लिक शेयरहोल्डर टेलीकॉम कंसल्टेंट्स इंडिया द्वारा ओएफएस में 7.5 करोड़ इक्विटी शेयर या 15 फीसदी हिस्सेदारी कम की जाएगी। प्रमोटर भारती एयरटेल के पास 70 फीसदी हिस्सेदारी है और शेष 30 फीसदी शेयर (15 करोड़) टेलीकॉम कंसल्टेंट्स इंडिया के पास हैं।
Bharti Hexacom IPO से जुड़ी डिटेल
कम्युनिकेशन सॉल्यूशन प्रोवाइडर ने इश्यू साइज का 75 फीसदी हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 15 फीसदी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (यानी हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल) के लिए और शेष 10 फीसदी खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित किया है।
भारती हेक्साकॉम सफल निवेशकों को शेयरों का अलॉटमेंट 8 अप्रैल तक करेगा। वहीं, 7.5 करोड़ इक्विटी शेयर 10 अप्रैल तक सफल निवेशकों के डीमैट अकाउंट्स में जमा कर दिए जाएंगे। निवेशक 12 अप्रैल से भारती हेक्साकॉम आईपीओ शेयरों में ट्रेड कर सकते हैं। एसबीआई कैपिटल मार्केट्स, एक्सिस कैपिटल, बीओबी कैपिटल मार्केट्स, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज और आईआईएफएल सिक्योरिटीज इस मुद्दे के बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज हैं। पंजीयक।
Bharti Hexacom और इसका फाइनेंशियल
भारती हेक्साकॉम भारत में राजस्थान और नॉर्थ ईस्ट टेलीकम्युनिकेशन सर्कल में ग्राहकों को एयरटेल ब्रांड के तहत कंज्यूमर मोबाइल सर्विस, फिक्स्ड लाइन टेलीफोन और ब्रॉडबैंड सर्विस प्रदान करता है। FY23 में भारती हेक्साकॉम का शुद्ध लाभ 67.2 प्रतिशत की सालाना गिरावट के साथ 549.2 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है। हेल्दी टॉपलाइन और ऑपरेशन नंबर्स के बावजूद कंपनी का नेट प्रॉफिट घट गया है। यह पिछले वर्ष 1,951.1 करोड़ रुपये के एक्सेप्शनल गेन के कारण हायर बेस से प्रभावित हुआ।
वर्ष के दौरान ऑपरेशन से रेवेन्यू पिछले वर्ष की तुलना में 21.7 फीसदी बढ़कर 6,579 करोड़ रुपये हो गया। इसी अवधि के दौरान इसका EBITDA 53.6 फीसदी बढ़कर 878 बीपीएस के मार्जिन विस्तार के साथ 2,785.7 करोड़ रुपये हो गया।
दिसंबर FY24 को समाप्त नौ महीनों में नेट प्रॉफिट एक्सेप्शनल लॉस और हायर टैक्स कॉस्ट के कारण 18.9 फीसदी गिरकर 281.8 करोड़ रुपये हो गया। 9MFY24 में ऑपरेशन से रेवेन्यू 7.7 फीसदी बढ़कर 5,220.8 करोड़ रुपये हो गया। FY24 की अप्रैल-दिसंबर अवधि में इसका EBITDA साल-दर-साल 23.2 प्रतिशत बढ़कर 2,483.4 करोड़ रुपये और मार्जिन 597 बीपीएस बढ़कर 47.57 प्रतिशत हो गया।