Cello World ने आईपीओ पेश करने का प्लान बनाया है। कंपनी ने इसके लिए SEBI को ड्राफ्ट पेपर्स (DRHP) भेज दिए हैं। कंपनी का आईपीओ 1,750 करोड़ रुपये का हो सकता है। सेलो इंडिया की बड़ी हाउसहोल्ड कंज्यूमर प्रोडक्ट्स कंपनियों में से एक है। यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। कंपनी के प्रमोटर प्रदीप घीसूलाल राठौड़ अपने 300 करोड़ रुपये तक के शेयर बेचेंगे। पंकज घीसूलाल राठौड़ 670 करोड़ रुपये मूल्य तक के शेयर बेचेंगे। गौरव प्रताप राठौड़ अपने 380 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचेंगे। प्रमोटर संगीता प्रताप राठौड़ 200 करोड़ रुपये तक के शेयर बेचेंगी। बबीता पंकज राठौड़ और रुचि गौरव राठौड़ में से दोनों 100-100 करोड़ रुपये तक के अपने शेयर इस OFS में बेचेंगी।
ये हैं कंपनी के बड़े प्रमोटर्स
सेलो वर्ल्ड में गौरव प्रदीप की 25.73 फीसदी हिस्सेदारी है। पंकज घीसूलाल की हिस्सेदारी 16.24 फीसदी है। प्रदीप घीसूलाल की हिस्सेदारी 12.86 फीसदी है। सेलो वर्ल्ड मुंबई की कंपनी है। हाउसहोल्ड कंज्यूमर प्रोडक्ट्स मार्केट में इसका मुकाबला Milton, La Opala और Borosil जैसी दिग्गज कंपनियों से है। इस कंपनी में ICICI Venture ने निवेश किया है। यह ICICI Bank की अल्टरनेटिव इनवेस्टमेंट इकाई है।
1967 में शुरू हुई थी कंपनी
सेलो वर्ल्ड ने Kotak Mahindra Capital, ICICI Securities, JM Financails, Motilal Oswal Securities और IIFL Securities को इश्यू का लीड मैनेजर्स नियुक्त किया है। राठौड़ परिवार की इस कंपनी ने 1967 में मुंबई से अपना सफर शुरू किया था। तब उसने पीवीसी फुटवियर और बैंगल्स (चूड़ी) बनाने के लिए एक छोटी फैक्ट्री शुरू की थी। अब कंपनी कई कैटेगरी में प्रोडक्ट्स बनाती हैं। इनमें ड्रिंकवेयर, ओपलवेयर और किचेन अप्लायंसेज शामिल हैं। कंपनी क्लिनिंग ऐड्स, बाथरूम एक्सेसरीज और सैनिटाइजर्स भी बनाती है। इसके प्रोडक्ट्स की सप्लाई होटल, रेस्टॉरेंट्स में भी होती है।
कंपनी का रेवेन्यू 1796 करोड़ रुपये
कंपनी मार्च 2023 के अंत में अलग-अलग प्रोडक्ट्स कैटेगरी में 15,841 स्टॉक कीपिंग यूनिट्स ऑफर करती थी। इंडिया में पांच जगहों पर इसकी 13 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज हैं। फाइनेंशियल ईयर 2023 में कंपनी का रेवेन्यू 1,796.70 करोड़ रुपये था। यह इससे एक साल पहले 1,359.18 करोड़ रुपये था। इसका प्रॉफिट FY23 में 285.07 करोड़ रुपये था। यह इससे एक साल पहले 219.52 करोड़ रुपये था। हालांकि, FY23 में कंपनी का EBITDA मार्जिन घटकर 24.34 फीसदी पर आ गया। इससे एक साल पहले यह 25.71 फीसदी था।