Clean Science का इश्यू 7 जुलाई को खुलेगा और 9 जुलाई को बंद होगा। कंपनी के इश्यू का प्राइस बैंड 880-900 रुपए तय किया गया है। कंपनी के शेयरों का मिनिमम लॉट साइज 16 का है। यानी निवेशकों को कम से कम 16 शेयरों के लिए बोली लगानी होगी। क्लीन साइंस स्पेशियालिटी केमिकल्स बनाने वाली कंपनी है। कंपनी की योजना IPO से 1546.62 करोड़ रुपए जुटाने की है।
कंपनी का इश्यू पूरी तरह ऑफर फॉर सेल होगा। इसमें कंपनी के मौजूदा प्रमोटर अशोक रामनारायण बूब, कृष्णकुमार रामनारायण बूब, सिद्धार्थ अशोक सिकची और पार्श अशोक माहेश्वरी अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे।
IPO से जुटाए गए फंड में कंपनी को हिस्सा नहीं मिलेगा। यह पूरी रकम कंपनी के उन प्रमोटर्स के पास जाएगी जो अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं।
इस इश्यू का 50 फीसदी हिस्सा क्वालीफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व है। रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 35 फीसदी और नॉन इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए 15 फीसदी हिस्सा रिजर्व है।
Clean Science दुनिया भर की उन चुनिंदा कंपनियों में शामिल है जो इन-हाउस कैटालिटिक प्रोसेस के जरिए प्रोडक्ट बनाती हैं। यह नई टेक्नोलॉजी है जो इको फ्रेंडली होने के साथ-साथ कम खर्चिला है।
क्लीन साइंस टेक MEHQ, BHA, एनिसोल और 4-MAP जैसी स्पेशियलिटी केमिकल्स मैन्युफैक्चर करने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी है। कंपनी परफॉर्मेंस केमिकल्स, FMCG केमिकल्स साथ मेडिसिन बनाने में काम आने वाली फार्मा केमिकल्स का उत्पादन भी करती है।
पुणे की इस स्पेशियलिटी केमिकल कंपनी की कुल आमदनी 31 दिसंबर, 2020 को खत्म हुई तिमाही में 398.46 करोड़ रुपये थी। जबकि एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी का टोटल इनकम 322.86 करोड़ रुपये रहा था। दिसंबर तिमाही मे कंपनी का नेट प्रॉफिट 145.27 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह केवल 65.96 करोड़ रुपये रहा था।
इस दौरान कंपनी के कुल कर्ज 65 करोड़ रुपये रहा। इस कंपनी के कस्टमर भारत सहित चीन, यूरोप, अमेरिका, ताइवान, दक्षिण कोरिया और जापान सहित कई देशों में हैं। कंपनी का दो-तिहाई से अधिक रेवेन्यू केमिकल्स के एक्सपोर्ट से आता है।