हाइवे इंफ्रास्ट्रक्चर इनवेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) 'क्यूब हाइवेज ट्रस्ट' जुलाई महीने में 5,000 करोड़ रुपये का IPO लाने की तैयारी में है। यह पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। नए शेयर जारी नहीं किए जाएंगे। इसका मतलब है कि IPO से होने वाली कमाई OFS में शेयर बिक्री करने वालों के पास जाएगी। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सूत्रों का कहना है कि ट्रस्ट का उद्देश्य शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद अपने इनवेस्टर बेस को बढ़ाना और लिक्विडिटी बेहतर करना है।
Cube Highways Trust (Cube InvIT) के पास 31 मार्च, 2026 तक देश के 12 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में 27 ऑपरेशनल हाइवे एसेट्स थे। इनकी कुल लंबाई 8,754 लेन किलोमीटर है। इन प्रोजेक्ट्स की औसत शेष रियायती अवधि 18 वर्ष है।
ट्रस्ट के पोर्टफोलियो का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा टोल रोड एसेट्स का है, जिन्हें ट्रैफिक ग्रोथ और टोल दरों में महंगाई से जुड़े बदलावों का फायदा मिलता है। वहीं, बाकी के 15 प्रतिशत एसेट्स एन्युइटी बेस्ड प्रोजेक्ट हैं, जिनसे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की कॉन्ट्रैक्टेड पेमेंट व्यवस्था के तहत स्थिर आय हासिल होती है।
Cube InvIT पर कितनी उधारी
मार्च, 2026 के अंत तक ट्रस्ट पर 17,768 करोड़ रुपये का शुद्ध कर्ज था। नेट डेट-टू-एंटरप्राइज वैल्यू रेशियो 46.82 प्रतिशत रहा। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान ट्रस्ट ने 9 अधिग्रहण कंप्लीट किए, जिसके बाद एसेट्स अंडर मैनेजमेंट का आंकड़ा (AUM) बढ़कर 36,842 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसके अलावा ट्रस्ट ने लगभग 7,300 करोड़ रुपये की कुल एंटरप्राइज वैल्यू वाले 4 नए हाइवे प्रोजेक्ट्स के लिए कमिटमेंट लेटर भी हासिल किए हैं। इससे ट्रस्ट का पोर्टफोलियो बढ़कर 13 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में 31 एसेट्स का हो जाएगा। साथ ही ट्रस्ट को 3 स्पॉन्सर एसेट्स पर 'राइट ऑफ फर्स्ट ऑफर' भी मिला है, जिससे भविष्य में ग्रोथ की संभावनाएं और मजबूत होंगी।
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