Zomato IPO:रिटेल और संस्थागत निवेशकों के आंख का तारा बने जोमैटो आईपीओ ने फर्स्ट ग्लोबल के को-फाउंडर और वाइस चेयरमैन और बाजार दिग्गज शंकर शर्मा को प्रभावित नहीं किया। मनीकंट्रोल से बात करते हुए शंकर शर्मा ने कहा कि रिटेल निवेशकों में इस आईपीओ को लेकर सबसे बड़े आकर्षण का कारण ये है कि यह आम लोगों के जीवन से जुड़ा नाम है। जिसके चलते लोग इस आईपीओ में भाग लेना चाहते हैं।
उन्होंने इस बातचीत में आगे कहा कि जोमैटो एक कन्सेप्ट स्टॉक है। यह अभी पूरी तरह से मेच्योर नहीं हुआ है। कंपनी अभी भी घाटे में है। इस बात का ध्यान रखें कि भारतीय बाजार में मुनाफे को लेकर बहुत बड़ा आकर्षण है। भारत में इस तरह का कोई बड़ा ऐतिहासिक उदाहरण नहीं मिलता जब हमें यह देखने को मिला हो कि बाजार ने किसी घाटा उठाने वाली कंपनी को उसकी संभावनाओं के आधार पर गले लगाया हो।
पिछले आंकड़े ये भी बताते हैं कि जिन आईपीओ को लेकर बाजार में बहुत ज्यादा हाइप था उन्होंने सेकेंडरी मार्केट में बहुत अच्छा प्रदर्शन नहीं किया। बर्गर किंग इसका सबसे अच्छा उदाहरण है। यह स्टॉक इस समय अपने रिकॉर्ड हाई 20 फीसदी नीचे चल रहा है।
इसी तरह दुनिया के दूसरे बाजारों पर नजर डालें तो जोमैटो के ही सेगमेंट की कंपनी Grubhub ने भी लिस्टिंग के बाद बेहतर प्रदर्शन नहीं किया। उन्होंने आगे कहा कि दुनिया भर का बाजारों का इतिहास हमें बताता है कि ओवर हाइप्ड स्टॉर्टअप कंपनियों ने सेकेंडरी मार्केट में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया है। एक और निगेटिव बात ये है कि बात यह है कि इस इश्यू के लिए जेमौटो का वैल्यूएशन काफी महंगा किया गया। जोमैटो की समकक्ष कई ग्लोबल कंपनियों का वैल्यूएशन जोमैटो से कम है।