Denta Water and Infra Solutions IPO : बेंगलुरु बेस्ड डेंटा वॉटर एंड इंफ्रा सॉल्यूशंस फंड जुटाने के लिए अपना आईपीओ लाने जा रही है। कंपनी ने इसके लिए मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) के पास ड्राफ्ट पेपर दाखिल कर दिया है। आईपीओ के तहत कंपनी द्वारा 75 लाख फ्रेश इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। इसमें ऑफर फॉर सेल यानी OFS के तहत कोई बिक्री नहीं होगी।
डेंटा वाटर ने अपने ड्राफ्ट पेपर में कहा, "कंपनी मर्चेंट बैंकरों के परामर्श से स्पेसिफाइड सिक्योरिटीज के एक और इश्यू पर विचार कर सकती है, जिसमें प्राइवेट प्लेसमेंट, राइट्स इश्यू या कंपनी रजिस्ट्रार के साथ रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल करने से पहले 11 लाख इक्विटी शेयरों का प्रेफरेंशियल इश्यू शामिल है।" अगर कंपनी प्री-आईपीओ प्लेसमेंट के जरिए फंड जुटाती है, तो नए इश्यू का आकार कम हो जाएगा।
कहां होगा फंड का इस्तेमाल
वाटर इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) सर्विसेज देने वाली कंपनी डेंटा वॉटर अपनी वर्किंग कैपिटल जरूरतों के लिए 150 करोड़ रुपये के फंड का इस्तेमाल करेगी। इसमें से 50 करोड़ रुपये मौजूदा वित्तीय वर्ष में और शेष 100 करोड़ रुपये को अगले वित्तीय वर्ष में खर्च किया जाएगा। इसके अलावा, सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए भी पैसे खर्च किए जाएंगे। एसएमसी कैपिटल्स इस इश्यू के लिए बुक-रनिंग लीड मैनेजर है।
कंपनी के पास हैं 22 प्रोजेक्ट्स
ग्राउंड वाटर रीचार्जिंग प्रोजेक्ट्स में काम करने वाली वाटर और इन्फ्रॉस्ट्रक्चर कंपनी ने अक्टूबर 2023 तक वाटर मैनेजमेंट इन्फ्रॉस्ट्रक्चर के विकास से संबंधित 27 प्रोजेक्ट्स पूरी कर ली हैं।
डेंटा वाटर ने कहा, "अक्टूबर 2023 तक हमारी 22 प्रोजेक्ट्स चल रही हैं, जिनकी कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू 984.23 करोड़ रुपये है। इसमें से 976.7 करोड़ रुपये वाटर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट्स के लिए और 7.54 करोड़ रुपये रेलवे और रोडवेज सहित इन्फ्रॉस्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से संबंधित हैं।"
984.23 करोड़ रुपये के कुल कॉन्ट्रैक्टर वैल्यू में से कर्नाटक स्थित कंपनी ने 211.3 करोड़ रुपये का काम पूरा कर लिया है और बकाया ऑर्डर बुक 772.94 करोड़ रुपये है।
कंपनी ने मार्च FY23 को समाप्त वर्ष में 50.1 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले वर्ष के 38.3 करोड़ रुपये से अधिक है। इसी अवधि के दौरान ऑपरेशन से रेवेन्यू 119.6 करोड़ रुपये से बढ़कर 174.3 करोड़ रुपये हो गया है। जून FY24 को समाप्त तिमाही में नेट प्रॉफिट 31.8 करोड़ रुपये के रेवेन्यू पर 8.1 करोड़ रुपये रहा।