DOMS इंडस्ट्रीज का 1,200 करोड़ का IPO 13 दिसंबर को लॉन्च हुआ। स्टेशनरी और आर्ट प्रोडक्ट बनाने वाली इस कंपनी के IPO का प्राइस बैंड 750-790 रुपये प्रति शेयर है। यह IPO 15 दिसंबर को बंद हो जाएगा। गुजरात की यह कंपनी इस इश्यू के जरिये 1,200 करोड़ रुपये जुटाएगी। इसमें 350 करोड़ के 44.3 लाख नए शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि प्रमोटर्स 850 करोड़ रुपये के 1.07 करोड़ शेयरों की बिक्री करेंगे। ज्यादातर एनालिस्ट्स ने इस ऑफर को सब्सक्राइब करने की सलाह दी है। हम यहां आपको कंपनी के बिजनेस मॉडल से जुडे़ अहम पहलुओं, फाइनेंस, परफॉर्मेंस आदि के बारे में जानकारी दे रहे हैं।
DOMS इंडस्ट्रीज ( DOMS Industries) कई तरह के स्टेशनरी और आर्ट प्रोडक्ट को डिजाइन और मैन्युफैक्चर करती है। इसका कारोबार ‘DOMS’ ब्रांड के तहत 45 देशों से ज्यादा देशों में फैला है। भारत के ब्रांडेड 'स्टेशनरी और आर्ट प्रोडक्ट' के मामले में यह दूसरी सबसे बड़ी खिलाड़ी है, जिसकी इस सगमेंट में 20पर्सेंट हिस्सेदारी है। कंपनी के कोर प्रोडक्ट्स में पेंसिल और मैथमेटिकल इंस्ट्रूमेंट बॉक्स शामिल हैं और इन सेगमेंट्स के बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी क्रमशः 29 पर्सेंट और 30 पर्सेंट है।
वित्त वर्ष 2023 में कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 567 पर्सेंट के उछाल के साथ 95.8 करोड़ रुपये रहा, जबकि रेवेन्यू 77.3 पर्सेंट बढ़कर 1,212 करोड़ रुपये हो गया। वित्त वर्ष 2024 की पहली छमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 70.63 करोड़ रुपये और रेवेन्यू 761.18 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2023 में कंपनी का इबिट्डा (EBITDA) 168 पर्सेट बढ़कर 186.7 करोड़ रुपये रहा। इस दौरान कंपनी का EBITDA मार्जिन बढ़कर 15.4 पर्सेंट हो गया, जबकि वित्त वर्ष 2022 में यह 10.4 पर्सेंट था।
DOMS इंडस्ट्रीज का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो 46 गुना है, जो केमिलन (64.13 गुना) से सस्ता है। हालांकि, यह लिंक (28.15 गुना), नवनीत एजुकेशन (15.86 गुना) और फ्लेयर राइटिंग इंडस्ट्रीज (35.76 गुना) से काफी महंगा है। वित्त वर्ष 2023 में कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी बढ़कर 33.54 पर्सेंट हो गया, जो 2022 में 6.86 पर्सेंट था।
FY23 में शानदार ग्रोथ की वजह
DOMS इंडस्ट्रीज के CFO राहुल शाह ने बताया, ' वित्त वर्ष 2023 में कंपनी की शानदार ग्रोथ की मुख्य तौर पर दो वजहें हैं। पहला यह कि कोविड के कारण वित्त वर्ष 2021 और 2022 में कंपनी की परफॉर्मेंस बुरी तरह प्रभावित हुई थी, क्योंकि ज्यादातर स्कूल-कॉलेज तकरीबन बंद थे। 2023 में स्थितियां सामान्य हुईं। साथ ही, बड़े पैमाने पर मांग इकट्ठा हो गई थी, जिसका असर भी कंपनी की परफॉर्मेंस पर देखने को मिला।' इस सेगमेंट की बाकी कंपनियों में भी इसी तरह का ट्रेंड रहा है। वित्त वर्ष 2021 में कंपनी को 6 करोड़ का नुकसान हुआ था। दरअसल, कंपनी को काफी समय तक अपनी प्रोडक्शन गतिविधियां बंद करनी पड़ी थीं।
DOMS इंडस्ट्रीज की सेल्स में बड़ी हिस्सेदारी लकड़ी वाले पेंसिल की है। वित्त वर्ष 2023 में कंपनी के कुल प्रोडक्ट सेल्स में इन पेंसिलों की हिस्सेदारी 31.6 पर्सेंट थी। पेंसिल की बिक्री में गिरावट से कंपनी के बिजनेस को नुकसान पहुंचेगा। कंपनी के लिए यह एक जोखम है। मेहत इक्विटीज में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, रिसर्च पारसनाथ तापसे का मानान है कि लकड़ी वाले पेंसिल के बाजार पर मंदी का असर नहीं होगा और डिजिटलाइजेशन के बावजूद अगले 5 साल में इसकी ग्रोथ 8-12 पर्सेंट रहेगी। बहरहाल, इस बारे में पक्के तौर पर कहना मुश्किल है। क्लासरूम के बजाय 'ऑनलाइन लर्निंग' के ट्रेंड की वजह से पेंसिल की सेल्स में गिरावट की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। इसका असर कंपनी के बिजनेस पर भी पड़ सकता है।
चॉइस (Choice), आनंद राठी (Anand Rathi), मेहता इक्विटीज (Mehta Equities), केआर चोकसी (KR Choksey) और स्टॉक्सबॉक्स (StoxBox) ने इस इश्यू के लिए 'सब्सक्राइब' रेटिंग दी है।