बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी फर्म पेमेट (PayMate) प्री-आईपीओ फंडिंग की तैयारी में है। इसके लिए कंपनी मौजूदा और नए निवेशकों से बात कर रही है। इस फंड का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल और विस्तार योजनाओं को पूरा करने के लिए किया जाएगा।

बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी फर्म पेमेट (PayMate) प्री-आईपीओ फंडिंग की तैयारी में है। इसके लिए कंपनी मौजूदा और नए निवेशकों से बात कर रही है। इस फंड का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल और विस्तार योजनाओं को पूरा करने के लिए किया जाएगा।
PayMate के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर अजय अदिशेषण (Ajay Adiseshan) ने बताया, 'हम आईपीओ (IPO) से पहले भी फंड जुटाने की तैयारी में हैं। इसमें नए और मौजूदा, दोनों तरह के निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई है। हम आईपीओ लाने के साथ-साथ इससे पहले भी फंड जुटा सकते हैं।'
कंपनी की योजना 1,125 करोड़ रुपये का आईपीओ लाने की है। साथ ही, ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिये 375 करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे। इसके अलावा, कंपनी की योजना प्री-आईपीओ राउंड के तहत 3 करोड़ डॉलर जुटाने की है। अदिशेषण ने बताया, 'नियमों के मुताबिक, हम प्री-आईपीओ फंडिंग के तहत 3 करोड़ डॉलर या अपने प्राइमरी आईपीओ का 30 पर्सेंट फंड जुटा सकते हैं। इस सिलसिले में निवेशकों के साथ बातचीत चल रही है। हालांकि, यह बातचीत अभी शुरुआती दौर में है।'
PayMate की योजना 2022 में ही आईपीओ लाने की थी। हालांकि, कंपनी को रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा पेमेंट एग्रीगेटर लाइसेंस मिलने के बाद मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने उसे आईपीओ का मसौदा फिर से पेश करने को कहा। अदिशेषण ने कहा, 'प्री-आईपीओ के लिए तमाम स्तरों पर बातचीत चल रही है। हालांकि, इसके लिए अभी समसयीमा तय नहीं की गई है। हमें भरोसा है कि चीजें सही दिशा में आगे बढ़ रही हैं।'
PayMate की स्थापना 2006 में हुई थी। यह कंपनी एंटरप्राइजेज और एसएमई (SME) के लिए B2B पर फोकस करती है। कंपनी के फाउंडर अदिशेषण टेक्नोलॉजी आंत्रप्रेन्योर हैं। मुंबई की इस कंपनी को ग्लोबल कार्ड नेटवर्क वीजा ( Visa) से फंडिंग मिलती है। इसके अलावा, कंपनी के इनवेस्टर्स में लाइटबॉक्स (LightBox), मेफील्ड फंड (Mayfield Fund), ब्रैंड कैपिटल (Mayfield Fund) और रिक्रूट स्ट्रैटेजिक पार्टनर्स (Recruit Strategic Partners) शामिल हैं।
क्या कहते हैं कंपनी के आंकड़े
भारत में कंपनी से जुड़े सेगमेंट का कुल बाजार 8 लाख करोड़ डॉलर का है और 2026 में यह बढ़कर 11 लाख करोड़ डॉलर हो सकता है। फाइनेंशियल ईयर 2022 में कंपनी का रेवेन्यू 4.6 करोड़ डॉलर था, जो फाइनेंशियल ईयर 2023 में बढ़कर 18 करोड़ डॉलर हो गया। हालांकि, फाइनेंशियल ईयर 2023 में कंपनी का घाटा 20 लाख डॉलर से बढ़कर 30 लाख डॉलर हो गया। बहरहाल, अदिशेषण का कहना है कि फाइनेंशियल ईयर 2024 की तीसरी तिमाही में कंपनी मुनाफे में आ जाएगी।
हिंदी में शेयर बाजार, स्टॉक मार्केट न्यूज़, बिजनेस न्यूज़, पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App डाउनलोड करें।