Flair Writing IPO : पेन बनाने वाली कंपनी फ्लेयर राइटिंग इंडस्ट्रीज लिमिटेड के आईपीओ को आज भी निवेशकों की अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। सब्सक्रिप्शन के दूसरे दिन अब तक यह इश्यू 6.12 गुना सब्सक्राइब हो गया है। इसे कुल 8.81 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिल गई है जबकि ऑफर पर 1.44 करोड़ शेयर हैं। निवेशकों के पास इसमें 24 नवंबर तक निवेश का मौका होगा। कंपनी ने इसके लिए 288-304 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। कंपनी का इरादा आईपीओ के जरिए 593 करोड़ रुपये जुटाने का है। एंकर निवेशकों से पहले ही 177.9 करोड़ रुपये जुटा लिए गए हैं।
सब्सक्रिप्शन से जुड़ी डिटेल
क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) - 1.36 फीसदी
रिटेल इनवेस्टर्स - 7.15 गुना
(23 Nov 2023 | 05:00:00 PM)
आईपीओ के तहत 292 करोड़ रुपये के फ्रेश इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, कंपनी के प्रमोटरों और प्रमोटर ग्रुप एंटिटी द्वारा 301 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत की जाएगी। वर्तमान में, प्रमोटरों और प्रमोटर ग्रुप एंटिटी के पास कंपनी की 100% हिस्सेदारी है। ऑफर का लगभग 50 फीसदी क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 फीसदी हिस्सा खुदरा निवेशकों के लिए और शेष 15 फीसदी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व रखा गया है।
लॉट साइज 49 इक्विटी शेयरों का है और उसके बाद इसके मल्टीपल में बोली लगाया जा सकेगा। इसका मतलब है कि खुदरा निवेशक कम से कम 14896 रुपये का (49 शेयर) निवेश कर सकते हैं। नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट लिमिटेड (पहले एडलवाइस सिक्योरिटीज लिमिटेड के नाम से जाना जाता था) और एक्सिस कैपिटल लिमिटेड आईपीओ के बुक-रनिंग लीड मैनेजर हैं। आईपीओ के लिए रजिस्ट्रार लिंक इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड है।
उम्मीद है कि कंपनी 30 नवंबर तक सफल निवेशकों को शेयरों का अलॉटमेंट करेगी। 4 दिसंबर तक सफल निवेशकों के डीमैट अकाउंट में इक्विटी शेयर जमा कर दिए जाएंगे। कंपनी के इक्विटी शेयर 5 दिसंबर को बीएसई और एनएसई दोनों पर लिस्ट होंगे।
पेन बनाने वाली यह कंपनी 45 साल से अधिक पुराने फ्लैगशिप ब्रांड 'फ्लेयर' का मालिक है। यह इस साल मार्च तक करीब 9 फीसदी की बाजार हिस्सेदारी के साथ ओवरऑल राइटिंग इंस्ट्रूमेंट इंडस्ट्री में टॉप तीन प्लेयर्स में से एक है। कंपनी पेन, स्टेशनरी प्रोडक्ट्स और कैलकुलेटर सहित राइटिंग इंस्ट्रूमेंट बनाती और बेचती है। कंपनी हाउसवेयर प्रोडक्ट्स और स्टील की बोतलों के निर्माण में भी लगी हुई है।