Fractal Analytics IPO: भारत की दिग्गज AI कंपनी फ्रेक्टल एनालिटिक्स के IPO का आज दूसरा दिन है, लेकिन बाजार से इसे बहुत ठंडा रिस्पांस मिला है। 2,833.90 करोड़ रुपये के इस बड़े इश्यू के लिए निवेशकों के बीच उतना उत्साह नहीं दिख रहा जिसकी उम्मीद की जा रही थी। दोपहर 2:35 बजे तक यह IPO केवल 14% ही सब्सक्राइब हुआ है। IPO के आंकड़ों पर गौर करें तो रिटेल निवेशकों ने फिर भी कुछ दिलचस्पी दिखाई है, लेकिन बड़े निवेशक (HNI/QIB) फिलहाल दूर नजर आ रहे हैं।
रिटेल हिस्सा: करीब 55% सब्सक्राइब।
गैर-संस्थागत निवेशक(NII): केवल 0.14 गुना।
कर्मचारी कोटा: 0.19 गुना।
योग्य संस्थागत खरीदार(QIB): इस हिस्से में अभी भी बोली लगना बाकी है।
फ्रेक्टल एनालिटिक्स के इस आईपीओ का साइज ₹2,833.90 करोड़ है, जिसके लिए कंपनी ने ₹857 से ₹900 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। यह इश्यू ₹1,023.50 करोड़ के फ्रेश इक्विटी शेयर्स और ₹1,810.40 करोड़ के ऑफर फॉर सेल (OFS) का मिश्रण है। निवेशक कम से कम 16 शेयरों के एक लॉट के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसकी ऊपरी कीमत ₹14,400 बैठती है। इसके लिए सब्सक्रिप्शन 11 फरवरी को बंद होगा, जिसके बाद 12 फरवरी को शेयरों का अलॉटमेंट और 16 फरवरी को BSE और NSE पर इसकी लिस्टिंग होगी।
ज्यादातर ब्रोकरेज हाउस ने इस IPO को 'लॉन्ग टर्म के लिए सब्सक्राइब' की रेटिंग दी है। आनंद राठी और जियोजित का भी यही मानना है। हालांकि, वे निवेशकों को कुछ चेतावनी भी दे रहे है। ब्रोकरेज इसके महंगे वैल्यूएशन को लेकर चिंता जता रहे हैं। कंपनी का P/E रेशियो (FY26 के अनुमानित आधार पर) करीब 79x से 109x है, जो बहुत अधिक माना जा रहा है। हालांकि, आनंद राठी का कहना है कि कंपनी की साख (100 से ज्यादा फॉर्च्यून 500 क्लाइंट्स) और 'IndiaAI Mission' के तहत मेडिकल AI पर काम करने का मौका इसे लंबी अवधि के लिए मजबूत बनाता है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि, अगर आप लिस्टिंग गेन यानी पहले दिन मुनाफा कमाकर निकलना चाहते हैं, तो मौजूदा GMP को देखते हुए यह सौदा जोखिम भरा हो सकता है। लेकिन अगर आप AI सेक्टर के भविष्य पर भरोसा करते हैं और 3-5 साल के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो ही इसमें बोली लगाना समझदारी होगी। इस आईपीओ के लिए 11 फरवरी को आवेदन करने का आखिरी दिन है।
GMP से लिस्टिंग गेन के क्या मिल रहे संकेत?
फ्रेक्टल एनालिटिक्स के आईपीओ के GMP की बात करें तो हालिया दिनों में उसमें भारी गिरावट देखने को मिली है। कल तक जो प्रीमियम ₹57 के आसपास था, वह आज गिरकर केवल ₹4 से ₹8 के बीच रह गया है। यानी की ₹900 के ऊपरी प्राइस बैंड के मुकाबले शेयर मात्र ₹904-₹908 के आसपास लिस्ट हो सकता है, जो निवेशकों के लिए करीब 1 या जीरो प्रतिशत का मुनाफा दर्शा रहा है। आपको बता दें कि, ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) किसी IPO की लिस्टिंग का अनुमान लगाने का पैमाना माना जाता है।
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