Happy Forgings IPO : शेयर महंगा है या सस्ता, क्या आपको निवेश करना चाहिए?

Happy Forgings IPO : कंपनी ने 808-850 रुपये शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। यह इश्यू 1,008.6 करोड़ रुपये का है। शेयर के हायर प्राइस बैंड पर कंपनी का बाजार पूंजीकरण 7998 करोड़ रुपये है। कंपनी की शुरुआत 1979 में हुई थी। यह हेवी फोर्ज्ड और हाइली प्रेसाइज मशीन कंपोनेंट्स बनाने वाली इंडिया की चौथी सबसे बड़ी कंपनी है

अपडेटेड Dec 19, 2023 पर 4:16 PM
Happy Forging IPO : HFL का कैपिटल एंप्लॉयड पर एवरेज रिटर्न (ROCE) 19.9 फीसदी रहा। इससे पता चलता है कि कंपनी कैपिटल का बहुत अच्छा इस्तेमाल करने में सफल रही है। इसका असर एचएफएल के प्रदर्शन पर दिखा है।

Happy Forgings IPO : Happy Forgings (HFL) का आईपीओ 19 दिसंबर को खुल गया है। कंपनी हेवी फोर्ज्ड और हाइली प्रेसाइज मशीन कंपोनेंट्स बनाती है। कंपनी का फाइनेंशियल परफॉर्मेंस अच्छा रहा है। प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के मुकाबले हैपी फोर्जिंग के शेयर की वैल्यूएशन अट्रैक्टिव है। इसलिए इस IPO पर दांव लगाया जा सकता है। कंपनी ने 808-850 रुपये शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। यह इश्यू 1,008.6 करोड़ रुपये का है। शेयर के हायर प्राइस बैंड पर कंपनी का बाजार पूंजीकरण 7998 करोड़ रुपये है। कंपनी की शुरुआत 1979 में हुई थी। यह हेवी फोर्ज्ड और हाइली प्रेसाइज मशीन कंपोनेंट्स बनाने वाली इंडिया की चौथी सबसे बड़ी कंपनी है। कई तरह की इंडस्ट्रीज में कंपनी की मौजूदगी है। इसका घरेलू और इंटरनेशनल ऑरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स के साथ मजबूत पार्टनरशिप है। यह कई बड़ी कंपनियों को अपने प्रोडक्ट्स की सप्लाई करती है। इनमें VECV, Ashok Leyland, JCB और DANA जैसी कंपनियां शामिल हैं।

इंडस्ट्री में सबसे ज्यादा मार्जिन

HFL ने बीते कुछ सालों में बहुत अच्छा परफॉर्मेंस दिया है। FY21-FY23 के दौरान इसके नेट रेवेन्यू की कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) 43 फीसदा रहा। कंपनी का EBITDA और PAT मार्जिन भी शानदार रहा। FY21 से FY23 के दौरान औसत EBITDA 27.5 फीसदी रहा, जबकि प्रॉफिट मार्जिन 16.3 फीसदी रहा। ऑटो एंसिलियरी सेक्टर में यह प्रदर्शन बहुत अच्छा है। HFL का मार्जिन इंडस्ट्री में सबसे ज्यादा है। कंपनी ऑपरेशंस से लगातार कैश फ्लो जेनरेट करने में सफल रही है। FY21-FY23 के दौरान यह करीब 339.6 करोड़ रुपये रहा।


चौथी सबसे बड़ी हेवी फोर्ज्ड और हाइली प्रेसाइज मशीन कपोनेंट कंपनी 

HFL का कैपिटल एंप्लॉयड पर एवरेज रिटर्न (ROCE) 19.9 फीसदी रहा। इससे पता चलता है कि कंपनी कैपिटल का बहुत अच्छा इस्तेमाल करने में सफल रही है। इसका असर एचएफएल के प्रदर्शन पर दिखा है। कंपनी ने मशीन प्रोडक्ट्स, हाई वैल्यू और हाई मार्जिन आइटम्स पर अपना फोकस बढ़ाया है। इन उत्पादों की हिस्सेदारी भी कुल रेवेन्यू में बढ़ी है। कपनी का EBITDA मार्जिन इंडस्ट्री में सबसे ज्यादा है। शुरुआत के 40 साल बाद यह देश की चौथी सबसे बड़ी हेवी फोर्ज्ड और हाइली प्रेसाइज मशीन कपोनेंट कंपनी बन गई है।

hfl ipo

क्लाइंट्स में कई बड़ी कंपनियां शामिल

यह कंपनी मुख्य रूप से कमर्शियल व्हीकल्स, फॉर्म इक्विपमेंट और ऑफ-हाइवे सेगमेंट को प्रोडक्ट्स की सप्लाई करती है। इन सेक्टर का आउटलुक अच्छा दिख रहा है। आर्थिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर, माइनिंग और कंस्ट्रक्शन पर फोकस बढ़ाया है। इससे एचएफएल के प्रोडक्ट्स की मांग बढ़ रही है। कंपनी विदेश में प्रोडक्ट्स की बढ़ती मांग पर फोकस कर रही है। इस वित्त वर्ष की पहली छमाही में कंपनी के कुल रेवेन्य में एक्सपोर्ट की हिस्सेदारी 20.75 फीसदी रही। यह FY21 में 8.7 फीसदी के मुकाबले अच्छी ग्रोथ है।

प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के मुकाबले वैल्यूएशन कम

यह आईपीओ FY25 में अनुमानित अर्निंग्स के 25.3 गुना मल्टीपल पर मिल रहा है। यह वैल्यूएशन बहुत अट्रैक्टिव दिखता है। इसकी वजह यह है कि कंपनी का फाइनेंशियल परफॉर्मेंस शानदार रहा है। लिस्टेड कंपनियों के मुकाबले आईपीओ में शेयर की कीमत FY25 के औसत पी/ई रेशियो के मुकाबले 28 फीसदी डिस्काउंट पर मिल रहा है। लंबी अवधि के लिहाज से इस आईपीओ में निवेश किया जा सकता है।

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