Happy Forgings IPO : हैप्पी फोर्जिंग्स का आईपीओ 19 दिसंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने वाला है। अगले कुछ दिनों में इसके प्राइस बैंड की घोषणा होने की उम्मीद है। एंकर निवेशकों के लिए यह इश्यू 18 दिसंबर को एक दिन के लिए खुलेगा। आईपीओ बंद होने की तारीख 21 दिसंबर तय की गई है। इस आईपीओ के तहत 400 करोड़ रुपये के फ्रेश इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, मौजूदा शेयरधारकों द्वारा 71.6 लाख इक्विटी शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत की जाएगी।
OFS के हिस्से के रूप में प्रमोटर पारितोष कुमार गर्ग (HUF) 49.2 लाख इक्विटी शेयर बेचेंगे और शेष 22.4 लाख शेयर इनवेस्टर इंडिया बिजनेस एक्सीलेंस फंड - III द्वारा बेचे जाएंगे। वर्तमान में कंपनी में प्रमोटरों की 88.24 फीसदी हिस्सेदारी है और बाकी शेयर इनवेस्टर इंडिया बिजनेस एक्सीलेंस फंड - III के पास हैं।
कंपनी आईपीओ से होने वाली फंड में से 171.1 करोड़ रुपये का इस्तेमाल इक्विपमेंट, प्लांट और मशीनरी की खरीद के लिए करेगी। इसके अलावा, फंड से 152.76 करोड़ रुपये का कर्ज भी चुकाया जाएगा। इसके अलावा, शेष राशि सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए अलग रखी जाएगी। अक्टूबर 2023 तक कंपनी की कुल बकाया उधारी 259.94 करोड़ रुपये थी।
हैप्पी फोर्जिंग्स ने अपने पब्लिक इश्यू साइज का आधा हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व रखा है। इसके अलावा, 15 फीसदी हिस्सा हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल के लिए और शेष 35 फीसदी खुदरा निवेशकों के लिए अलग रखा गया है।
आईपीओ शेड्यूल के अनुसार कंपनी 22 दिसंबर तक सफल निवेशकों को शेयरों का अलॉटमेंट कर सकती है। सफल निवेशकों को 26 दिसंबर तक उनके डीमैट अकाउंट्स में इक्विटी शेयर मिल जाएंगे। BSE और NSE पर इसके इक्विटी शेयरों में कारोबार 27 दिसंबर से शुरू होगा। जेएम फाइनेंशियल, एक्सिस कैपिटल, इक्विरस कैपिटल और मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स इस इश्यू के मर्चेंट बैंकर हैं।
पंजाब स्थित हैप्पी फोर्जिंग्स मुख्य रूप से ऑटोमोटिव, ऑफ-हाईवे व्हीकल, तेल और गैस, पावर जनरेशन, रेलवे और विंड टरबाइन इंडस्ट्री जैसे कई सेक्टर्स में घरेलू और ग्लोबल ओरिजनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स को सर्विस प्रोवाइड करती है।
इसके कुछ ग्राहकों में AAM इंडिया मैन्युफैक्चरिंग कॉरपोरेशन, अशोक लीलैंड, बोनफिग्लिओली ट्रांसमिशन, इंटरनेशनल ट्रैक्टर्स, जेसीबी इंडिया, महिंद्रा एंड महिंद्रा, मेरिटर हेवी व्हीकल सिस्टम्स कैमरी एसपीए, एसएमएल इसुजु, स्वराज इंजन, टाटा कमिंस, वॉटसन एंड चालिन इंडिया और यानमार इंजन मैन्युफैक्चरिंग इंडिया शामिल हैं।
मार्च FY23 को समाप्त वर्ष में कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 46.7 फीसदी बढ़कर 208.7 करोड़ रुपये हो गया। इसी अवधि के दौरान EBITDA 47.7 फीसदी बढ़कर 341 करोड़ रुपये हो गया और मार्जिन 170 बीपीएस बढ़कर 28.5 फीसदी हो गया। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 39 फीसदी बढ़कर 1197 करोड़ रुपये हो गया।
हालांकि, मौजूदा वित्तीय वर्ष में वही प्रदर्शन नहीं देखा गया। सितंबर FY24 को समाप्त छह महीने की अवधि में मुनाफा सालाना आधार पर 2.5 फीसदी बढ़कर 119.3 करोड़ रुपये हो गया।
इनपुट लागत में वृद्धि और इन्वेंट्री में बढ़ोतरी के साथ EBITDA मार्जिन में गिरावट के चलते यह हुआ है। इसके साथ ही, कर्मचारी, वित्त लागत और अन्य खर्चों में भी काफी वृद्धि हुई है।