Happy Forgings IPO : हैप्पी फोर्जिंग लिमिटेड के आईपीओ को आज 21 दिसंबर को शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है। सब्सक्रिप्शन के अंतिम दिन अब तक यह इश्यू 80.20 गुना सब्सक्राइब हो गया है। इसे 67.09 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिल गई है, जबकि ऑफर पर 83.65 लाख शेयर हैं। कंपनी अपने आईपीओ से 1,009 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है। यह इश्यू 21 दिसंबर को बंद हो जाएगा। इसके लिए 808 से 850 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है।
ग्रे मार्केट में भी इस आईपीओ का जबरदस्त क्रेज है। आज 20 दिसंबर को यह इश्यू 340 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। इस हिसाब से लिस्टिंग पर 40 फीसदी का जबरदस्त मुनाफा होने की संभावना है। हालांकि, कल के मुकाबले GMP में गिरावट आई है।
सब्सक्रिप्शन से जुड़ी डिटेल
क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स - 216.15 गुना
नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स - 61.61 गुना
रिटेल इनवेस्टर्स - 14.06 गुना
(BSE, 21 Dec 2023 | 03:39:00 PM)
इस आईपीओ में निवेशक लॉट के हिसाब से बोली लगा सकते हैं। न्यूनतम एक लॉट के लिए बोली लगानी होगी और एक लॉट में कंपनी के 17 शेयर होंगे। ऐसे में निवेशकों को 1 लॉट की बोली लगाने के लिए करीब 14,450 रुपये निवेश करने होंगे। रिटेल निवेशक अधिकतम 13 लॉट के लिए बोली लगा सकते हैं।
इसमें से 400 करोड़ रुपये नए शेयर जारी कर जुटाए जाएंगे। वहीं 0.72 करोड़ शेयरों को कंपनी के मौजूदा शेयरधारकों और प्रमोटरों की ओर से बिक्री के लिए रखा जाएगा। इसमें से 49.2 लाख इक्विटी शेयर को प्रमोटर पारितोष कुमार गर्ग (HUF) बेचंगे। जबकि बाकी 22.4 लाख शेयर को निवेशक इंडिया बिजनेस एक्सीलेंस फंड-III की ओर से बेचा जाएगा। फिलहाल कंपनी की 88.24 फीसदी हिस्सेदारी प्रमोटरों के पास है। वहीं बाकी हिस्सेदारी निवेशक इंडिया बिजनेस एक्सीलेंस फंड-III के पास है।
हैप्पी फोर्जिंग ने बताया कि वह नए शेयरों को जारी कर जुटाए गए रकम का इस्तेमाल मशीनों और प्लांट को खरीदने में करेगी। इस मद में करीब 171.1 करोड़ रुपये खर्च किया जाएगा। इसके अलावा करीब 152.76 करोड़ रुपये का इस्तेमाल लोन चुकाने में किया जाएगा। बाकी धनराशि का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
हैप्पी फोर्जिंग की स्थापना जुलाई 1979 में हुई है। इसकी हैवी फोर्जिंग और मशीन घटकों के डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग में विशेषज्ञता है। यह कंपनी कई तरह प्रोडक्ट को बनाने, डिजाइन करने और उनकी टेस्टिंग में शामिल है। इसमें क्रैंकशाफ्ट, फ्रंट एक्सल वाहक, स्टीयरिंग पोर, डिफीरेंशिय हाउसिंग, ट्रांसमिशन पार्ट, पिनियन शाफ्ट, सस्पेंशन प्रोडक्ट्स और वॉल्व बॉडी आदि शामिल हैं।