Happy Steels IPO: हैपी स्टील्स का आईपीओ 9 जुलाई को खुल जाएगा। यह पंजाब की कंपनी है, जो प्रिसिजन ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स बनाती है। कंपनी आईपीओ में 37.88 लाख नए शेयर इश्यू करेगी। इसका मतलब है कि इस इश्यू में ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) नहीं होगा। अगले हफ्ता आईपीओ के लिहाज से काफी व्यस्तता वाला होगा। अगले हफ्ते 3 आईपीओ आने वाले हैं। इनमें से एक मेनबोर्ड सेगमेंट का आईपीओ होगा।
11 जुलाई तक इस आईपीओ में कर सकते हैं निवेश
Happy Steels ने 62-66 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। इस आधार पर कंपनी की वैल्यूएशन करीब 94 करोड़ रुपये होगी। प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर कंपनी इस इश्यू से 25 करोड़ रुपये जुटाने जा रही है। एंकर इनवेस्टर्स के लिए यह इश्यू 8 जुलाई को खुल जाएगा। यह इश्यू 11 जुलाई को बंद होगा।
कंपनी कई तरह के ऑटो प्रोडक्ट्स बनाती हैं
कंपनी एक्सल्स, लॉन्ग स्पिलिन शॉफ्ट्स और स्पिंडल्स की सप्लाई ऑरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEM) को करती है। यह घरेलू कंपनियों के साथ ही विदेश कंपनियों को भी अपने प्रोडक्ट्स की सप्लाई करती है। कंपनी से आईपीओ से आए पैसे में से 13.15 करोड़ रुपये का इस्तेमाल अपने मौजूदा प्लांट्स की क्षमता बढ़ाने के लिए करेगी। इसके लिए वह नई मशीनें खरीदने वाली है।
आईपीओ के पैसे का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करती है
हैपी स्टील्स आईपीओ से आए पैसे में से 4.98 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करेगी। बाकी पैसे का इस्तेमाल वह सामान्य कारोबारी जरूरतों के लिए करेगी। इस साल मार्च के अंत में कटिंग प्रोसेस के लिए कंपनी की उत्पादन क्षमता सालाना 8,640 मीट्रिक टन की थी। फोर्जिंग प्रोसेस की इसकी क्षमता 7,776 मीट्रिक टन थी।
FY26 में कंपनी ने 7 करोड़ मुनाफा कमाया
वित्त वर्ष 2025-26 में हैपी स्टील्स ने 7.1 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। यह एक साल पहले के 2.3 करोड़ रुपये के उसके मुनाफे के तीन गुना से ज्यादा है। पिछले वित्त वर्ष में कंपनी का रेवेन्यू 15.2 फीसदी बढ़कर 94.6 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले रेवेन्यू 82.1 करोड़ रुपये था।
16 जुलाई को लिस्ट होंगे कंपनी के शेयर
हैपी स्टील्स के शेयर 16 जुलाई को एनएसई इमर्ज प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होंगे। कंपनी ने शेयर इंडिया कैपिटल सर्विसेज और मास्टर कैपिटल सर्विसेज को बुक-रनिंग लीड मैनेजर्स नियुक्त किया है। कंपनी का आईपीओ ऐसे वक्त आ रहा है, जब शेयर बाजारों में रिकवरी दिखी है। इस हफ्ते शेयर बाजारों में लगातार तीन दिन तेजी दिखी। इससे बाजार का सेंटिमेंट बेहतर हुआ है और निवेशकों का हौसला बढ़ा है।
डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल का मकसद रीडर्स को सिर्फ आईपीओ के बारे में जरूरी बातें बताना है। इनवेस्टर्स को किसी आईपीओ में निवेश का फैसला अपने फाइनेंशियल एडवाइजर्स से सलाह के बाद लेना चाहिए।