Jio Platforms IPO: दिग्गज फंड मैनेजर समीर अरोड़ा ने जियो प्लेटफॉर्म्स को बताया दमदार स्टॉक, जानिए उन्होंने क्या कहा

Jio Platforms IPO: समीर अरोड़ा का मानना है कि जियो प्लेटफॉर्म की निरंतर ग्रोथ की काफी संभावनाएं हैं। इस वजह से यह हाई-कनविक्शन स्टॉक बन जाता है। टेलीकॉम मार्केट में कंपनी की एंट्री 2016 में हुई थी। वह साल भारत में टेलीकॉम मार्केट के लिए मील का पत्थर बना

अपडेटेड Oct 18, 2026 पर 8:02 PM
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इस साल जून के अंत में जियो के सब्सक्राइबर्स की संख्या 53.3 करोड़ थी। इसमें 5जी के 28.49 करोड़ सब्सक्राइबर्स शामिल हैं।

Jio Platforms IPO: हेलियोस कैपिटल के फाउंडर समीर अरोड़ा ने जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों को दमदार बताया है। उनका मानना है कि जियो ने बड़े लेवल की डिजिटल कनेक्टिविटी बनाई है। साथ ही ऐसा नेटवर्क बनाया है, जिस पर देश की न्यू एज कंपनियां बनाई जाएंगी। जियो ने उनके लिए फाउंडेशनल प्लेटफॉर्म तैयार किया है।

लंबी अवधि में ग्रोथ की काफी संभावना 

उन्होंने कहा है कि जियो प्लेटफॉर्म की निरंतर ग्रोथ की काफी संभावनाएं हैं। इस वजह से यह हाई-कनविक्शन स्टॉक बन जाता है। टेलीकॉम मार्केट में कंपनी की एंट्री 2016 में हुई थी। वह साल भारत में टेलीकॉम मार्केट के लिए मील का पत्थर बना। कंपनी की एग्रेसिव प्राइसिंग और फ्री वॉयस एंड डेटा ऑफरिंग्स ने पूरे टेलीकॉम मार्केट को बदल दिया।


जियो की वजह से देश में बढ़ा डेटा कंजम्प्शन

हेलियोस के फाउंडर के मुताबिक, जियो ने मोबाइल ब्रॉडबैंड पर फोकस बढ़ाया, जिसके बाद देश में डेटा की खपत में नाटकीय बदलाव देखने को मिला। एक दशक बाद आज कंपनी ने ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार किया है, जिस पर मोबाइल सर्विसेज, एंटरटेनमेंट, ब्रॉडबैंड, क्लाउड और एंटरप्राइज सॉल्यूशंस उपलब्ध हैं।

जून में सब्सक्राइबर्स की संख्या 53 करोड़ के पार

इस साल जून के अंत में जियो के सब्सक्राइबर्स की संख्या 53.3 करोड़ थी। इसमें 5जी के 28.49 करोड़ सब्सक्राइबर्स शामिल हैं। पिछले वित्त वर्ष में इंडिया के वायरलेस डेटा ट्रैफिक में जियो की हिस्सेदारी करीब 60 फीसदी रही। जियो के वायरलेस ब्रॉडबैंड नेटवर्क के दायरे में देश की आबादी का 99 फीसदी हिस्सा आता है। कंपनी ने इस बारे में अपने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्ट्स में बताया है।

2जी के 26 करोड़ सब्सक्राइबर्स पर जियो की नजर

जियो ने पिछले एक दशक में जो प्लेटफॉर्म तैयार किया है, उसका फायदा उठाने का वक्त अब आ गया है। देश में डेटा का कंजम्प्शन बढ़ रहा है। सब्सक्राइबर्स 2जी से 4जी और 5जी में माइग्रेट कर रहे हैं। इस साल जून के अंत में देश में 2जी इस्तेमाल करने वाले सब्सक्राइबर्स की संख्या 26.1 करोड़ थी। यह जियो जैसी कंपनी के लिए एक बड़ा मौका है।

आईपीओ के पैसे से कंपनी की बैलेंसशीट को मिलेगी मजबूती

जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ से आने वाले पैसे का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करेगी। कंपनी ने जियो इंफोकॉम के लिए कर्ज लिया था, जिसमें से 27,500 करोड़ रुपये वह आईपीओ के पैसे से चुकाएगी। इससे कंपनी की बैलेंसशीट को मजबूती मिलेगी। जियो इंफोकॉम जियो प्लेटफॉर्म्स की सब्सिडियरी है। यह देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है।

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लिस्टिंग के बाद कंपनी 10 लाख करोड़ क्लब में होगी शामिल 

जियो ने आईपीओ के लिए 1065-1119 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर कंपनी की वैल्यूएशन 10.3 लाख करोड़ रुपये है। यह FY26 में कंपनी की अर्निंग्स का करीब 34.3 गुना है। शेयर की लिस्टिंग के बाद जियो प्लेटफॉर्म्स देश की 10 लाख करोड़ रुपये की वैल्यूएशन वाली कंपनियों की लिस्ट में शामिल हो जाएगी।

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