Anthem Biosciences IPO: एंथेम बॉयोसाइंसेज के आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला। तीन दिन में यह 67 गुना से अधिक सब्सक्राइब हो गया। अब आज इसके शेयरों का अलॉटमेंट होने वाला है। अलॉटमेंट फाइनल होने के बाद इसे या तो बीएसई की वेबसाइट पर या रजिस्ट्रार केफिन टेक की वेबसाइट पर देख सकते हैं। ग्रे मार्केट में बात करें तो इसके शेयर आईपीओ के अपर प्राइस बैंड से ₹148 यानी 25.96% की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर हैं। इससे शेयरों की मजबूत लिस्टिंग के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी की कारोबारी सेहत और लिस्टिंग के दिन मार्केट की परिस्थिति पर निर्भर रहेगा। शेयरों की BSE, NSE पर 21 जुलाई को एंट्री होगी।
BSE की साइट पर ऐसे करें चेक
इश्यू टाइप 'Equity' चुनें। इश्यू नाम Anthem Biosciences चुनें।
एप्लीकेशन नंबर या पैन भरें।
फिर I'm not a robot पर क्लिक करें।
शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।
लिंक-1, लिंक-2, लिंक-3, लिंक-4 और लिंक-5 में से किसी पर भी क्लिक करें।
सेलेक्ट आईपीओ पर क्लिक करके Anthem Biosciences चुनें।
एप्लीकेशन नंबर, डीमैट अकाउंट और पैन में से कोई भी चुनें। फिर जो विकल्प चुना है, उसके मुताबिक डिटेल्स दें। जैसे कि पैन चुना है तो पैन भरें।
शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।
Anthem Biosciences IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस
एंथेम बॉयोसाइंसेज के ₹3,395.00 करोड़ के आईपीओ के लिए प्राइस बैंड ₹540-₹570 था। हालांकि एंप्लॉयीज को हर शेयर पर ₹50 का डिस्काउंट था। यह इश्यू 14-16 जुलाई के बीच खुला था। इस इश्यू को हर कैटेगरी के निवेशकों का तगड़ा रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 67.42 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 192.80 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 44.70 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 5.98 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 6.99 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत कोई नया शेयर नहीं जारी हुआ है बल्कि ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत ₹2 की फेस वैल्यू वाले 5,95,61,404 शेयरों की बिक्री हुई है। कंपनी को आईपीओ का कोई पैसा नहीं मिला है।
Anthem Biosciences के बारे में
वर्ष 2006 में बनी एंथेम बॉयोसाइंसेज एक CRDMO (कॉन्ट्रैक्ट रिसर्च, डेवलपमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑर्गेनाइजेशन) है। यह दुनिया भर में बॉयोटेक फर्म और बड़ी फार्मा कंपनियों को सर्विसेज देती है। यह प्रोबॉयोटिक्स, एंजाइम, पेप्टाइड, न्यूट्रिशनल एक्टिव, विटामिन एनालॉग और बॉयोसिमिलर बनाती है। सितंबर 2024 तक के आंकड़ों के मुताबिक भारत में इसके पास एक और विदेशों में सात पेटेंट है। इसके अलावा 24 पेटेंट एप्लिकेशन पेंडिंग हैं। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹385.19 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹367.31 करोड़ और फिर वित्त वर्ष 2025 में ₹451.26 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू सालाना 30% अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹1,930.29 करोड़ पर पहुंच गया।