Indiaqube Spaces IPO: वर्कप्लेस सॉल्यूशन प्रोवाइड कराने वाली कंपनी Indiqube Spaces Limited का IPO 23 जुलाई को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। इस आईपीओ को 25 जुलाई तक सब्सक्राइब किया जा सकेगा। कंपनी IPO के माध्यम से ₹700 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखी है। इस इश्यू में ₹650 करोड़ के 2.74 करोड़ नए शेयर और ₹50 करोड़ के 0.21 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। आइए आपको बताते हैं कैसी है कंपनी की सेहत और आईपीओ की पूरी डिटेल।
प्राइस बैंड: ₹225 से ₹237 प्रति शेयर
लॉट साइज: एक लॉट में 63 शेयर शामिल है। बोली लगाने के लिए मिनिमम ₹14,931 के निवेश की जरूरत होगी।
कब तक रहेगा खुला: 23 से 25 जुलाई तक
लिस्टिंग: 30 जुलाई को BSE और NSE पर
इस आईपीओ में कंपनी के कर्मचारियों के लिए 63,291 शेयरों को रिजर्व रखा गया है। एम्पलाइज को इश्यू मूल्य पर ₹22.00 की छूट भी मिलेगी।
कैसी है Indiqube Spaces की वित्तीय सेहत?
Indiqube Spaces Limited 2015 में स्थापित हुई है। कंपनी सस्टेनेबल और लेटेस्ट तकनीक से लैस वर्कप्लेस सॉल्यूशन प्रोवाइड करती है। कंपनी ने 31 मार्च, 2025 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में अपने पिछले वित्तीय प्रदर्शन के मुकाबले जबरदस्त सुधार किया है, हालांकि यह अभी भी घाटे में है।
राजस्व: वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का राजस्व सालाना आधार पर 27% बढ़कर ₹1,102.93 करोड़ हो गया, जो वित्त वर्ष 2024 में ₹867.66 करोड़ था।
नेट लॉस: कंपनी का शुद्ध घाटा 59% घटकर ₹139.62 करोड़ रहा, जो वित्त वर्ष 2024 में ₹341.51 करोड़ था।
EBITDA: EBITDA दोगुना से अधिक बढ़कर ₹660.19 करोड़ हो गया, जो एक साल पहले ₹263.42 करोड़ था।
कुल संपत्ति: वित्त वर्ष 2025 में कंपनी की कुल संपत्ति बढ़कर ₹4,685.12 करोड़ हो गई, जो वित्त वर्ष 2024 में ₹3,667.91 करोड़ थी।
कुल कर्ज: इस दौरान कंपनी पर कुल कर्ज बढ़कर ₹343.96 करोड़ हो गया, जो वित्त वर्ष 2024 में ₹164.02 करोड़ था।
बता दें कि IPO से प्राप्त पैसों का उपयोग कंपनी नए सेंटर स्थापित करने और मौजूदा कर्ज का भुगतान करने में करने वाली है।
ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP)
आईपीओ मार्केट के विशेषज्ञों के अनुसार, Indiqube Spaces Limited के शेयरों का फिलहाल ग्रे मार्केट प्रीमियम 13.50% है। इसके अनलिस्टेड शेयरों की कीमत वर्तमान में ₹269 बताई जा रही है। वैसे आपको बता दें कि GMP कंपनियों के आईपीओ के लिस्टिंग को लेकर बाजार की हलचल का एक संकेत मात्र है। यह लिस्टिंग से पहले शेयर की संभावित कीमत का अनुमान देता है। यह जरूरी नहीं हैं कि शेयर इसी प्राइस पर लिस्ट हो।