ओरिएंट केबल्स ने बाजार में किया शानदार आगाज़, एसवेक्टर की कमजोर लिस्टिंग, जानिए अब इन शेयरों में क्या हो रणनीति

रवि सिंह ने कहा कि ओरिएंट केबल्स में ध्यान में रखने वाली मुख्य बातें यह होंगी कि क्या कंपनी अपनी रेवेन्यू ग्रोथ बनाए रख सकती है, मुनाफ़ा बढ़ा सकती है और अच्छे वर्किंग कैपिटल और कैश फ़्लो को बनाए रखते हुए अपने विस्तार की योजनाओं को पूरा कर सकती है। लंबे समय के लिए निवेश करने वाले लोग कंपनी के नेटवर्किंग केबल और पैसिव नेटवर्किंग इक्विपमेंट के बिज़नेस पर नजर रख सकते हैं

अपडेटेड Oct 05, 2026 पर 1:13 PM
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रवि सिंह ने कहा कि AceVector की कमजोर लिस्टिंग से निकट भविष्य में बाजार का सेंटिमेंट दबाव में रह सकता है। निवेशक शायद कीमतों में स्थिरता आने तक नए निवेश करने से बचें
     
     
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    देश की दिग्गज केबल मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों में शामिल ओरिएंट केबल्स के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में शानदार एंट्री हुई। आज BSE पर इसकी ₹448.10 और NSE पर ₹450.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 65% तक का लिस्टिंग गेन मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। वहीं स्नैनडील (Snapdeal), यूनीकॉमर्स (unicommerce) और स्टेलरो ब्रांड्स (Stellaro Brands) की पैरेंट कंपनी ऐसवेक्टर के शेयर की आज घरेलू मार्केट में भारी डिस्काउंट के साथ एंट्री हुई। आज BSE पर इसकी ₹28.30 और NSE पर ₹28.32 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि लिस्टिंग पर 11% से अधिक पूंजी घट गई। लिस्टिंग के बाद शेयर में गिरावट देखने को मिली है।

    लिस्टिंग के बाद अब क्या हो इनमें रणनीति?

    ओरिएंट केबल्स (इंडिया)


    इसका जवाब देते हुए मास्टर कैपिटल सर्विसेज़ के चीफ रिसर्च ऑफिसर रवि सिंह ने कहा कि ओरिएंट केबल्स (इंडिया) ने आज भारतीय शेयर बाजार में शानदार शुरुआत की। एनएसई पर यह 450 रुपये पर लिस्ट हुआ, जो इसके इश्यू प्राइस 272 रुपये से 65.44% अधिक है और बीएसई पर यह 448.10 रुपये पर लिस्ट हुआ,जो इश्यू प्राइस से 64.74% अधिक है। कंपनी लगभग दो दशकों के अनुभव के साथ एक B2B मैन्युफैक्चरर है,जो मुख्य रूप से नेटवर्किंग केबल और पैसिव नेटवर्किंग उपकरण बनाती है।

    यह टेलीकम्युनिकेशन, ब्रॉडबैंड, डेटा सेंटर,रिन्यूएबल एनर्जी, स्मार्ट बिल्डिंग ऑटोमेशन, एफएमईजी, ऑटोमोटिव और ई-मोबिलिटी सहित हाई ग्रोथ वाले एंटरप्राइजेज को अपनी सेवा प्रदान करती है।

    कंपनी के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में CAT5,CAT5e, CAT6 और CAT6A नेटवर्किंग केबल,पैच कॉर्ड,सीसीटीवी और कोएक्सियल केबल (coaxial cables),स्पेशियलिटी पावर,कंट्रोल और इंस्ट्रूमेंटेशन केबल,ऑप्टिकल फाइबर केबल,केबल हार्नेस,ईवी चार्जिंग केबल और गन,पावर कॉर्ड और अन्य एलाइड प्रोडक्ट शामिल हैं।

    इसने E-बीम इरेडिएटेड स्पेशलिटी केबल्स,सोलर जंक्शन बॉक्स और टेथर्ड ड्रोन सिस्टम के क्षेत्र में भी अपना विस्तार किया है। कंपनी राजस्थान के भिवाड़ी में दो और बेंगलुरु में एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट चलाती है।

    30 जून, 2026 तक इसकी इंस्टॉल्ड कैपेसिटी नेटवर्किंग,स्पेशलिटी पावर और ऑप्टिकल फाइबर केबल्स के मामले में 895,776 किलोमीटर और इससे जुड़े प्रोडक्ट्स के मामले में 5.04 मिलियन पीस थी। भारत का नेटवर्किंग केबल्स मार्केट फाइनेंशियल ईयर 2022 में 20.6 अरब रुपये से बढ़कर फाइनेंशियल ईयर 2026 में 35.9 अरब रुपये हो गया और फाइनेंशियल ईयर 2026 से फाइनेंशियल ईयर 2031 के बीच इसके 18.7% CAGR से बढ़कर 84.5 अरब रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।

    फाइबर-ऑप्टिक केबल्स मार्केट के भी 17.3% CAGR से बढ़ने का अनुमान है,जो फाइनेंशियल ईयर 2026 में 105.0 अरब रुपये से बढ़कर फाइनेंशियल ईयर 2031 तक 233.1 अरब रुपये हो जाएगा।

    ध्यान में रखने वाली मुख्य बातें यह होंगी कि क्या कंपनी अपनी रेवेन्यू ग्रोथ बनाए रख सकती है, मुनाफ़ा बढ़ा सकती है और अच्छे वर्किंग कैपिटल और कैश फ़्लो को बनाए रखते हुए अपने विस्तार की योजनाओं को पूरा कर सकती है। लंबे समय के लिए निवेश करने वाले लोग कंपनी के नेटवर्किंग केबल और पैसिव नेटवर्किंग इक्विपमेंट के बिज़नेस पर नज़र रख सकते हैं,क्योंकि डिजिटल कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग बढ़ रही है।

    सिर्फ़ आज की लिस्टिंग परफ़ॉर्मेंस पर ध्यान देने के बजाय,निवेशक तिमाही रेवेन्यू ग्रोथ, ऑर्डर पूरे करने की रफ़्तार, EBITDA मार्जिन, क्षमता के इस्तेमाल और ऑपरेटिंग कैश फ़्लो पर नजर रख सकते हैं।

    ऐसवेक्टर (AceVector)

    रवि सिंह ने कहा कि AceVector ने आज भारतीय शेयर बाज़ार में कमज़ोर शुरुआत की। NSE पर इसकी लिस्टिंग ₹28.32 पर हुई,जो इसके ₹32 के इश्यू प्राइस से 11.50% कम है। कंपनी वैल्यू-फ़ोकस्ड ई-कॉमर्स, ई-कॉमर्स इनेबलमेंट SaaS और कंज्यूमर ब्रांड्स के क्षेत्र में एसेट-लाइट और टेक्नोलॉजी-बेस्ड डिजिटल कॉमर्स इकोसिस्टम चलाती है। इसके मुख्य व्यवसायों में Snapdeal, Unicommerce eSolutions Limited और Stellaro Brands Private Limited शामिल हैं, जो मिलकर B2C और B2B सेगमेंट में कंज्यूमर्स, सेलर्स, ब्रांड्स, लॉजिस्टिक्स प्रोवाइडर्स और MSMEs को सेवाएं देते हैं।

    स्नैपडील एक वैल्यू-फोकस्ड लाइफस्टाइल ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस है जो फैशन, होम, जनरल मर्चेंडाइज और ब्यूटी एंड पर्सनल केयर कैटेगरी में किफायती दामों पर सामान उपलब्ध कराता है। यह ज़ीरो-इन्वेंटरी मॉडल पर काम करता है।

    यूनिकॉमर्स ई-सॉल्यूशंस लिमिटेड,जो इसकी लिस्टेड सब्सिडियरी है, यूनिवेयर, शिपवे और कन्वर्टवे के माध्यम से ई-कॉमर्स इनेबलमेंट एसएएएस सेवाएं प्रदान करती है, जिनमें ऑर्डर, इन्वेंटरी, वेयरहाउस, लॉजिस्टिक्स और मार्केटिंग ऑपरेशन शामिल हैं।

    31 मार्च 2026 तक, इसके प्लेटफ़ॉर्म पर 353 इंटीग्रेशन थे और इसने 8,261 क्लाइंट्स को सेवाएं दीं। साथ ही, FY2026 की दूसरी छमाही (H2) में AI-सक्षम क्षमताएं भी पेश की गईं। भारतीय ई-कॉमर्स मार्केट FY2020 में US$32.5 बिलियन से बढ़कर FY2025 में US$95.8 बिलियन हो गया और इसके 19.6% की CAGR के साथ FY2030 तक US$234.4 बिलियन तक पहुँचने का अनुमान है।

    कमजोर लिस्टिंग से निकट भविष्य में बाजार का सेंटिमेंट दबाव में रह सकता है। निवेशक शायद कीमतों में स्थिरता आने तक नए निवेश करने से बचें। भविष्य की स्थिति कंपनी की ग्रोथ बनाए रखने, मुनाफ़ा बढ़ाने और कैश जनरेट करने की क्षमता पर निर्भर करेगी।

     

     

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