ITC Share Price: सिगरेट से लेकर FMCG तक का कारोबार करने वाली कंपनी ITC के शेयरों में सोमवार के इंट्राडे ट्रेड में लगभग 3% की बढ़त हुई। स्टॉक में तेजी ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Citi शेयर को अपग्रेड करने और इसके टारगेट प्राइस में बढ़ोतरी के बाद आई। आज की इस बढ़त ने ITC को सेंसेक्स के सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले शेयरों में से एक बना दिया, जबकि बाजार का ओवरऑल मूड सुस्त रहा
Citi ने ITC के शेयर की रेटिंग को 'SELL' से अपग्रेड करके 'BUY' कर दिया है, क्योंकि उसे लगता है कि रिस्क-रिवॉर्ड (जोखिम और फायदे का अनुपात) अनुकूल है। वहीं इसके टारगेट प्राइस को ₹300 प्रति शेयर कर दिया है जो इसके पिछले क्लोजिंग प्राइस ₹257 से लगभग 17% की बढ़त दिखाता है।
BSE पर, यह ब्लू-चिप शेयर इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान ₹264.25 के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया और इसमें 2.8% तक की बढ़त देखी गई।
शेयर पर क्या है सिटी का तर्क
Citi के एनालिस्ट्स ने सिगरेट पर टैक्स में भारी बढ़ोतरी के कारण शॉर्ट टर्म में कमाई पर दबाव का अनुमान लगाया, लेकिन कहा कि स्टॉक की कीमतों में भारी गिरावट "वॉल्यूम और प्रॉफिटेबिलिटी से जुड़े जोखिमों" को दर्शाती है। Citi ने कहा कि कमाई में कटौती का दौर काफी हद तक खत्म हो चुका है, जिससे मौजूदा वैल्यूएशन पर रिस्क-रिवॉर्ड बेहतर हुआ है।
BSE के आंकड़ों के अनुसार, ITC के शेयरों में एक साल में 35% की गिरावट आई है और साल-दर-साल (YTD) आधार पर ये 28% नीचे हैं।
हालांकि, अन्य ब्रांडेड और अवैध उत्पादों से प्रतिस्पर्धा के कारण FY27 में सिगरेट से होने वाली कमाई (Ebit - ब्याज और टैक्स से पहले की कमाई) में 23% की गिरावट की उम्मीद है, लेकिन FY28 से इसमें सुधार होना चाहिए क्योंकि प्राइसिंग एक्शन जोर पकड़ेगा और प्रॉफिटेबिलिटी सामान्य हो जाएगी। "टैक्स बढ़ने के बाद से, ITC ने मुख्य सेगमेंट में कीमतों में नपे-तुले तरीके से बढ़ोतरी और पोर्टफोलियो में बदलाव जैसे कदम उठाए हैं ताकि टैक्स बढ़ोतरी के असर को कम किया जा सके। कंपनी के अनुमान के मुताबिक, टैक्स बढ़ोतरी का लगभग 75% हिस्सा पहले ही कीमतों में बढ़ोतरी के जरिए ग्राहकों पर डाला जा चुका है। साथ ही, LSFT और प्रीमियम-DSFT कैटेगरी में नए प्रोडक्ट्स लॉन्च करने से ग्राहकों को ITC के पोर्टफोलियो से जोड़े रखने में मदद मिलेगी, भले ही वे सस्ते प्रोडक्ट्स की ओर रुख करें (डाउनट्रेडिंग)।
सिटी (Citi) ने कहा कि टैक्स बढ़ोतरी के असर को कम करने के लिए उठाए गए कदम उम्मीद से बेहतर नतीजे दे रहे हैं। इसने FY27-29E के लिए EPS अनुमान को 3-11% तक बढ़ा दिया है और सिगरेट सेगमेंट का वैल्यूएशन 12x EPS (पहले 11x था) आंका है। इसकी वजह कीमतों में उम्मीद से ज़्यादा तेज़ी से हुई बढ़ोतरी है, जिससे रेवेन्यू और मार्जिन दोनों में रिकवरी हो रही है।
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